“भुलाए भी नहीं भूल पाएंगे बड़नगर में बिताया वह एक दिन”
सागर से विपिन दुबे/ जब मैंने गुजरात के महेसाणा जिले के बड़नगर की पावन भूमि पर कदम रखा तो मुझे अतीत और वर्तमान का वह गौरव बोध हुआ; जिसे मैं शायद शब्दों में बयां नहीं कर सकती। यह पावन माटी तपस्वी ऋषि याज्ञवलक्य की जन्मभूमि और तपोभूमि तो है ही इसी माटी में भारत के…