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सागर ई-बस सेवा: कलेक्टर ने दी 30 जून की डेडलाइन, डिस्कॉम और ट्रांसमिशन के काम तत्काल वाइंड-अप करने के निर्देश

सागर ई-बस सेवा: कलेक्टर ने दी 30 जून की डेडलाइन, डिस्कॉम और ट्रांसमिशन के काम तत्काल वाइंड-अप करने के निर्देश

तय समय में पूरे करें बिजली और सिविल के काम – कलेक्टर सागर ।शहर के लिए महत्वाकांक्षी पीएम ई-बस सेवा योजना के क्रियान्वयन और प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर प्रतिभा पाल ने अधिकारियों को तय समय में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्ट्रेट में आयोजित इस बैठक में कलेक्टर ने ई-बसों के…

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कमिश्नर ने युवा किसान आकाश चौरसिया के प्रयासों की सराहना 

कमिश्नर ने युवा किसान आकाश चौरसिया के प्रयासों की सराहना 

युवाओं और किसानों के प्रेरणा स्रोत बने युवा जैविक कृषक आकाश चौरसिया: प्राकृतिक उत्पादों की दिल्ली, मुम्बई सहित विदेशों में भी हो रही डिमांड  सागर ।सागर जिले के ग्राम कपुरिया के युवा कृषक आकाश चौरसिया सागर जिले के ही नहीं पूरे देश भर के किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने हैं। जैविक कृषक आकाश…

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रचा इतिहास, सागर के वृंदावन बाग मंदिर में भाजपा नेताओं ने किया हवन-पूजन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रचा इतिहास, सागर के वृंदावन बाग मंदिर में भाजपा नेताओं ने किया हवन-पूजन

सागर। भारतीय जनता पार्टी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सेवा, सुशासन एवं गरीब कल्याण के 12 वर्ष पूर्ण होने तथा देश के सर्वाधिक समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में उनके ऐतिहासिक योगदान के उपलक्ष्य में सागर शहर के वृंदावन बाग मंदिर में पूज्य महंत नरहरिदास महाराज के सान्निध्य में धार्मिक एवं…

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राज्य सभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के नामांकन रद्द होने को लेकर शहर कांग्रेस ने गांधी प्रतिमा के समक्ष किया धरना-उपवास

सागर।जिला शहर कांग्रेस कमेटी ने सब्जी मंडी स्थित गांधी जी की प्रतिमा के समक्ष कांग्रेस राज्य सभा उम्मीदवार बहन मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के विरोध में उपवास रख धरना दिया ।इस अवसर पर जिला शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष महेश जाटव ने कहा कि देश प्रदेश की सरकार सत्ता की लुटेरी है डाकुओं…

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सिद्धत्व

सिद्धत्व फाउंडेशन एवं शासकीय आईटीआई की पहल: 15 दिवसीय OGT कार्यक्रम में युवाओं को मिला तकनीकी शिक्षा, रोजगार, संस्कार एवं पर्यावरण संरक्षण का मार्गदर्शन

सागर। युवाओं को तकनीकी शिक्षा, रोजगारोन्मुखी कौशल, उद्योगों की कार्यप्रणाली एवं जीवन मूल्यों से जोड़ने के उद्देश्य से सिद्धत्व फाउंडेशन एवं शासकीय आईटीआई, सागर के संयुक्त तत्वावधान में 15 दिवसीय OGT (ऑन जॉब गाइडेंस एंड ट्रेनिंग) कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन आनंद टाटा मोटर्स में किया गया, जहां विद्यार्थियों को उद्योग…

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बम्हौरी बीका में NHAI की अधिग्रहित भूमि से हटाया गया अतिक्रमण

बम्हौरी बीका में NHAI की अधिग्रहित भूमि से हटाया गया अतिक्रमण

शासकीय भूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ बुलडोजर कार्यवाही सागर ।कलेक्टर प्रतिभा पाल द्वारा जिले की शासकीय भूमि को अतिक्रमण से मुक्त करने हेतु समस्त एसडीएम को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि कि शासकीय भूमि पर अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। समस्त एसडीएम को शासकीय भूमि पर से अवैध कब्जा एवं अतिक्रमण से मुक्त करने की…

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद की बैठक में मध्यप्रदेश के बुनियादी ढांचे, तकनीकी विकास और किसान कल्याण से जुड़े कार्यों के लिए लगभग 13 हजार 800 करोड़ रूपये की स्वीकृति के साथ कई बड़े एवं महत्वपूर्ण निर्णयों पर मुहर लगाई गई है। बैठक में भोपाल मेट्रो रेल परियोजना की संशोधित कुल लागत और अतिरिक्त वित्त पोषण को मिलाकर 13,565.84 करोड़ रूपये की पुनरीक्षित राशि की स्वीकृति दी गई। अब भोपाल शहर के यातायात नेटवर्क को बड़ा विस्तार मिलेगा। इसके साथ ही राज्य में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को सुदृढ़ करने के लिए आगामी 5 वर्षों 2026-2031 के लिए आई.टी. संवर्ग परामर्श सेवाओं और कार्य योजना के लिए 235 करोड़ 63 लाख रूपये स्वीकृत किए गए है। कृषि और व्यापार जगत को गति देने के लिए मंत्रि-परिषद ने कपास पर मंडी फीस की दर को 1% से घटाकर 0.5% करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है, जिससे स्थानीय जिनिंग मिलों को मजबूती मिलेगी और रोजगार बढ़ेगा। किसान हित में सामान्य मंडी शुल्क को एक रूपये से बढ़ाकर एक रूपये 50 पैसे किया गया है। शुल्क के रूप में प्राप्त होने वाली 500 करोड़ रूपये की अनुमानित अतिरिक्त आय का उपयोग सीधे किसान सड़क निधि और कृषि अनुसंधान के विकास में किया जाएगा। आगामी रबी और खरीफ विपणन सत्रों में फसलों के सुचारू उपार्जन को सुनिश्चित करने के लिए MPSCSC और मार्कफेड को 8,600 करोड़ रूपये की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति देने की भी बड़ी मंजूरी दी गई है। यह फैसले प्रदेश की आर्थिक और सामाजिक उन्नति की दिशा में सशक्त कदम साबित होंगे। भोपाल मेट्रो की पुनरीक्षित लागत और अतिरिक्त वित्त पोषण के लिए 13,565.84 करोड़ रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने भोपाल मेट्रो रेल परियोजना की मूल लागत 6,941.40 करोड़ में 3,092.22 करोड़ रूपये की अतिरिक्त लागत जोड़कर संशोधित कुल लागत 10,033.62 करोड़ रूपये के प्रस्ताव पर स्वीकृति प्रदान की है। मंत्रि-परिषद ने इसके अतिरिक्त उद्योग के स्वीकृत मानदंडों के अनुसार परियोजना के लिए अतिरिक्त वित्त पोषण के लिए 3,532 करोड़ 22 लाख रूपये की भी स्वीकृति प्रदान की है। इसमें भारत शासन और राज्य शासन द्वारा 995 करोड़ 9 लाख रूपये की अतिरिक्त इक्विटी और केन्द्रीय करों के लिए 84 करोड़ 54 लाख रूपये का अतिरिक्त अधीनस्थ ऋण, वित्तपोषण एजेंसी बैंकों से ऋण निधि के विरुद्ध 1,620 करोड़ 64 लाख रूपये का अतिरिक्त PTA/आंतरिक ऋण, मध्यप्रदेश शासन से भूमि की लागत और पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन के लिए 138 करोड़ 38 लाख रूपये का अतिरिक्त अधीनस्थ ऋण तथा मध्यप्रदेश शासन से राज्य करों के लिए 446 करोड़ 35 लाख रूपये एवं IDC की लागत के लिए 246 करोड़ 41 लाख रूपये का अतिरिक्त अनुदान शामिल है। आई.टी. संवर्ग परामर्श सेवाओं और कार्य के लिए 235 करोड़ 63 लाख रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग अंतर्गत राज्य आई.टी. संवर्ग परामर्श सेवाओं के लिए अनुदान और सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी कार्य योजना 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की अवधि तक निरंतर संचालन के लिए 235 करोड़ 63 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। स्वीकृति अनुसार राज्य आई.टी. संवर्ग परामर्श सेवाओं के लिए अनुदान योजना के लिए 180 करोड़ 20 लाख रूपये स्वीकृत किए गए हैं। योजना के अंतर्गत शासन के विभिन्न विभागों, निगमों, प्राधिकरणों एवं परियोजनाओं को तकनीकी परामर्श सेवाएँ प्रदान करने के लिए राज्य स्तरीय आई.टी. संवर्ग का गठन किया गया है। योजना से प्राप्त अनुदान का उपयोग विशेषज्ञों की नियुक्ति, प्रशिक्षण, क्षमता-विकास एवं विभागीय आवश्यकताओं के अनुरूप परामर्श सेवाओं के लिए किया जाता है। यह योजना वर्तमान में शासन की डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन प्रक्रिया की आधारभूत आवश्यकता है तथा भविष्य में कृत्रिम बुद्धिमता (एआई), बिग डाटा एनालिटिक्स, ब्लॉक चेन तकनीक एवं सायबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में राज्य की तैयारियों को सुदृढ़ करने के लिए भी अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। मंत्रि-परिषद द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी कार्य योजना के लिए 55 करोड़ 43 लाख रूपये स्वीकृत किए गए है। योजना से VBTC प्रशिक्षण केंद्र द्वारा अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आईटी, ई-गवर्नेस, सायबर सुरक्षा तथा डेटा प्रबंधन विषयों पर नियमित प्रशिक्षण प्रदान कर उनकी तकनीकी दक्षता और प्रशासनिक कार्य कुशलता में वृद्धि की जायेगी। एमपीएसईडीसी जैसी नोडल एजेंसियों को सहायक अनुदान उपलब्ध कराकर विभिन्न आईटी एवं ई-गवर्नेस परियोजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। राज्य, संभाग और जिला स्तर पर आयोजित कार्य शालाओं एवं सेमिनारों के माध्यम से विभागीय क्षमता संवर्धन तथा आईटी जागरुकता को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही 'ई-गवर्नेस उत्कृष्टता पुरस्कार" के माध्यम से विभागों एवं अधिकारियों के नवाचारों को प्रोत्साहित किया जाएगा। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से मध्यप्रदेश को ई-गवर्नेस के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने में सहायता मिलेगी। कपास पर मंडी फीस की दर 1% से घटाकर 0.5% करने का अनुमोदन मंत्रि-परिषद ने कपास जिनिंग मिलों की आवश्यकता को देखते हुए कपास पर मंडी फीस की दर 1% से घटाकर 0.5% करने का अनुमोदन दिया है। प्रदेश में लगभग 158 कपास जिनिंग मिलें है, जिनकी प्रसंस्करण क्षमता लगभग 13 लाख मीट्रिक टन है। प्रदेश में कपास पर मंडी फीस की दर में कमी किए जाने से जिनिंग मिलों के द्वारा अन्य पड़ोसी राज्यों में पलायन की अपेक्षा प्रदेश में ही व्यवसाय करने को प्राथमिकता दी जाएगी जिससे रोजगार में तथा जी.एस.टी संग्रहण में वृद्धि होगी। जिनिंग मिलों की इनपुट लागत में कमी आएगी और उनकी आर्थिक व्यवहारिता में वृद्धि होगी। वे प्रतिस्पर्धात्मक बाजार में अपनी स्थिति सुदृढ़ बनाए रखने में सक्षम होगी। एम.पी. स्टेट सिविल सप्लाईज कारपोरेशन और मार्कफेड को 8,600 करोड़ रूपये की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति उपलब्ध कराए जाने की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा निर्णय लिया गया कि आगामी रबी विपणन वर्ष 2026 में गेहूँ उपार्जन और इसके बाद खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान एवं मोटे अनाजों के उपार्जन के दृष्टिगत विभिन्न बैंकों (शेडयूल्ड/राष्ट्रीयकृत/जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक), नाबार्ड, एवं सार्वजनिक वित्तीय संस्थाओं से धनराशि उधार लेने के लिए वर्तमान जारी वित्त व्यवस्थाओं की निरंतरता के लिए और आर.बी.आई अपेक्षा के अनुक्रम में ज्यादा ब्याज दर वाली खाद्यान्न साख सीमा के पुनर्भुगतान आदि परिदृश्यों को ध्यान में रखते हुए एम.पी. स्टेट सिविल सप्लाई कारपोरेशन लि. एवं मार्कफेड को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की द्वय खाद्यान्न साख सीमा के पुनर्भुगतान के लिए 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च मार्च 2027 तक के लिए 8,600 करोड़ रूपये की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति उपलब्ध कराए जाने की स्वीकृति दी है। निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति में से समय समय पर MPSCSC और मार्कफेड के मध्य पुर्नआवंटन का अधिकार खादय विभाग म.प्र. शासन को प्रदान किये गए है। इसके अलावा एम.पी. स्टेट सिविल सप्लाई कारपोरेशन लि. को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 (एक वर्ष) तक की अवधि के लिए 29,500 करोड़ रूपये की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति उपलब्ध कराई गई है। शासकीय प्रत्याभूति से उपलब्ध राशि के अलावा बाकी राशि की वित्त व्यवस्था ज्यादा ब्याज दर वाली आर.बी.आई. द्वारा राज्य शासन को प्रदत्त खाद्यान्न साख सीमा से की जाएगी। कृषक कल्याण के लिए मंडी शुल्क एक रुपये से 1.50 रुपये किए जाने का निर्णय -- अब जिलों में कोल्डस्टोरेज, वेयर हाउस, प्रसंस्करण इकाईयों एवं लॉजिस्टिक सुविधाओं को मिलेगा प्रोत्साहन मंत्रि-परिषद द्वारा मंडी शुल्क को एक रुपये के स्थान पर वृद्धि कर 1.50 रुपये किए जाने का निर्णय लिया है। इस राशि से जिलों में कोल्डस्टोरेज,वेयरहाउस प्रसंस्करण इकाईयों एवं लॉजिस्टिक सुविधाओं को प्रोत्साहन मिलेगा। इस शुल्क राशि में से 50 पैसे विपणन विकास निधि के अंश के रूप में किसानों के कल्याण में उपयोग किया जायेगा। निराश्रित शुल्क को यथावत् 20 पैसे रखा जायेगा। इस वृद्धि से इस वर्ष में लगभग 500 करोड़ रूपये की अतिरिक्त आय होना संभावित है। इस आय का उपयोग किसान सड़क निधि एवं कृषि अनुसंधान तथा अधोसंरचना विकास में किया जाएगा। किसान सड़क निधि ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण का अंश 20 पैसे, किसान सड़क निधि-मंडियो की मूलभूत संरचनाओं के लिए 10 पैसे, गौ-संवर्धन एवं संरक्षण निधि में 12 पैसे, मुख्यमंत्री कृषक जीवन कल्याण योजना के लिए 2 पैसे, प्रचार-प्रसार एवं कृषक सम्मेलन के लिए 1.75 पैसे और कृषि अनुसंधान एवं कृषि अधोसंरचना विकास निधि के लिए 4.25 पैसे का उपयोग किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद की बैठक में मध्यप्रदेश के बुनियादी ढांचे, तकनीकी विकास और किसान कल्याण से जुड़े कार्यों के लिए लगभग 13 हजार 800 करोड़ रूपये की स्वीकृति के साथ कई बड़े एवं महत्वपूर्ण निर्णयों पर मुहर लगाई गई है। बैठक में भोपाल मेट्रो रेल परियोजना की संशोधित कुल लागत और अतिरिक्त वित्त पोषण को मिलाकर 13,565.84 करोड़ रूपये की पुनरीक्षित राशि की स्वीकृति दी गई। अब भोपाल शहर के यातायात नेटवर्क को बड़ा विस्तार मिलेगा। इसके साथ ही राज्य में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को सुदृढ़ करने के लिए आगामी 5 वर्षों 2026-2031 के लिए आई.टी. संवर्ग परामर्श सेवाओं और कार्य योजना के लिए 235 करोड़ 63 लाख रूपये स्वीकृत किए गए है। कृषि और व्यापार जगत को गति देने के लिए मंत्रि-परिषद ने कपास पर मंडी फीस की दर को 1% से घटाकर 0.5% करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है, जिससे स्थानीय जिनिंग मिलों को मजबूती मिलेगी और रोजगार बढ़ेगा। किसान हित में सामान्य मंडी शुल्क को एक रूपये से बढ़ाकर एक रूपये 50 पैसे किया गया है। शुल्क के रूप में प्राप्त होने वाली 500 करोड़ रूपये की अनुमानित अतिरिक्त आय का उपयोग सीधे किसान सड़क निधि और कृषि अनुसंधान के विकास में किया जाएगा। आगामी रबी और खरीफ विपणन सत्रों में फसलों के सुचारू उपार्जन को सुनिश्चित करने के लिए MPSCSC और मार्कफेड को 8,600 करोड़ रूपये की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति देने की भी बड़ी मंजूरी दी गई है। यह फैसले प्रदेश की आर्थिक और सामाजिक उन्नति की दिशा में सशक्त कदम साबित होंगे। भोपाल मेट्रो की पुनरीक्षित लागत और अतिरिक्त वित्त पोषण के लिए 13,565.84 करोड़ रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने भोपाल मेट्रो रेल परियोजना की मूल लागत 6,941.40 करोड़ में 3,092.22 करोड़ रूपये की अतिरिक्त लागत जोड़कर संशोधित कुल लागत 10,033.62 करोड़ रूपये के प्रस्ताव पर स्वीकृति प्रदान की है। मंत्रि-परिषद ने इसके अतिरिक्त उद्योग के स्वीकृत मानदंडों के अनुसार परियोजना के लिए अतिरिक्त वित्त पोषण के लिए 3,532 करोड़ 22 लाख रूपये की भी स्वीकृति प्रदान की है। इसमें भारत शासन और राज्य शासन द्वारा 995 करोड़ 9 लाख रूपये की अतिरिक्त इक्विटी और केन्द्रीय करों के लिए 84 करोड़ 54 लाख रूपये का अतिरिक्त अधीनस्थ ऋण, वित्तपोषण एजेंसी बैंकों से ऋण निधि के विरुद्ध 1,620 करोड़ 64 लाख रूपये का अतिरिक्त PTA/आंतरिक ऋण, मध्यप्रदेश शासन से भूमि की लागत और पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन के लिए 138 करोड़ 38 लाख रूपये का अतिरिक्त अधीनस्थ ऋण तथा मध्यप्रदेश शासन से राज्य करों के लिए 446 करोड़ 35 लाख रूपये एवं IDC की लागत के लिए 246 करोड़ 41 लाख रूपये का अतिरिक्त अनुदान शामिल है। आई.टी. संवर्ग परामर्श सेवाओं और कार्य के लिए 235 करोड़ 63 लाख रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग अंतर्गत राज्य आई.टी. संवर्ग परामर्श सेवाओं के लिए अनुदान और सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी कार्य योजना 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की अवधि तक निरंतर संचालन के लिए 235 करोड़ 63 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। स्वीकृति अनुसार राज्य आई.टी. संवर्ग परामर्श सेवाओं के लिए अनुदान योजना के लिए 180 करोड़ 20 लाख रूपये स्वीकृत किए गए हैं। योजना के अंतर्गत शासन के विभिन्न विभागों, निगमों, प्राधिकरणों एवं परियोजनाओं को तकनीकी परामर्श सेवाएँ प्रदान करने के लिए राज्य स्तरीय आई.टी. संवर्ग का गठन किया गया है। योजना से प्राप्त अनुदान का उपयोग विशेषज्ञों की नियुक्ति, प्रशिक्षण, क्षमता-विकास एवं विभागीय आवश्यकताओं के अनुरूप परामर्श सेवाओं के लिए किया जाता है। यह योजना वर्तमान में शासन की डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन प्रक्रिया की आधारभूत आवश्यकता है तथा भविष्य में कृत्रिम बुद्धिमता (एआई), बिग डाटा एनालिटिक्स, ब्लॉक चेन तकनीक एवं सायबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में राज्य की तैयारियों को सुदृढ़ करने के लिए भी अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। मंत्रि-परिषद द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी कार्य योजना के लिए 55 करोड़ 43 लाख रूपये स्वीकृत किए गए है। योजना से VBTC प्रशिक्षण केंद्र द्वारा अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आईटी, ई-गवर्नेस, सायबर सुरक्षा तथा डेटा प्रबंधन विषयों पर नियमित प्रशिक्षण प्रदान कर उनकी तकनीकी दक्षता और प्रशासनिक कार्य कुशलता में वृद्धि की जायेगी। एमपीएसईडीसी जैसी नोडल एजेंसियों को सहायक अनुदान उपलब्ध कराकर विभिन्न आईटी एवं ई-गवर्नेस परियोजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। राज्य, संभाग और जिला स्तर पर आयोजित कार्य शालाओं एवं सेमिनारों के माध्यम से विभागीय क्षमता संवर्धन तथा आईटी जागरुकता को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही 'ई-गवर्नेस उत्कृष्टता पुरस्कार" के माध्यम से विभागों एवं अधिकारियों के नवाचारों को प्रोत्साहित किया जाएगा। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से मध्यप्रदेश को ई-गवर्नेस के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने में सहायता मिलेगी। कपास पर मंडी फीस की दर 1% से घटाकर 0.5% करने का अनुमोदन मंत्रि-परिषद ने कपास जिनिंग मिलों की आवश्यकता को देखते हुए कपास पर मंडी फीस की दर 1% से घटाकर 0.5% करने का अनुमोदन दिया है। प्रदेश में लगभग 158 कपास जिनिंग मिलें है, जिनकी प्रसंस्करण क्षमता लगभग 13 लाख मीट्रिक टन है। प्रदेश में कपास पर मंडी फीस की दर में कमी किए जाने से जिनिंग मिलों के द्वारा अन्य पड़ोसी राज्यों में पलायन की अपेक्षा प्रदेश में ही व्यवसाय करने को प्राथमिकता दी जाएगी जिससे रोजगार में तथा जी.एस.टी संग्रहण में वृद्धि होगी। जिनिंग मिलों की इनपुट लागत में कमी आएगी और उनकी आर्थिक व्यवहारिता में वृद्धि होगी। वे प्रतिस्पर्धात्मक बाजार में अपनी स्थिति सुदृढ़ बनाए रखने में सक्षम होगी। एम.पी. स्टेट सिविल सप्लाईज कारपोरेशन और मार्कफेड को 8,600 करोड़ रूपये की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति उपलब्ध कराए जाने की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा निर्णय लिया गया कि आगामी रबी विपणन वर्ष 2026 में गेहूँ उपार्जन और इसके बाद खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान एवं मोटे अनाजों के उपार्जन के दृष्टिगत विभिन्न बैंकों (शेडयूल्ड/राष्ट्रीयकृत/जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक), नाबार्ड, एवं सार्वजनिक वित्तीय संस्थाओं से धनराशि उधार लेने के लिए वर्तमान जारी वित्त व्यवस्थाओं की निरंतरता के लिए और आर.बी.आई अपेक्षा के अनुक्रम में ज्यादा ब्याज दर वाली खाद्यान्न साख सीमा के पुनर्भुगतान आदि परिदृश्यों को ध्यान में रखते हुए एम.पी. स्टेट सिविल सप्लाई कारपोरेशन लि. एवं मार्कफेड को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की द्वय खाद्यान्न साख सीमा के पुनर्भुगतान के लिए 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च मार्च 2027 तक के लिए 8,600 करोड़ रूपये की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति उपलब्ध कराए जाने की स्वीकृति दी है। निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति में से समय समय पर MPSCSC और मार्कफेड के मध्य पुर्नआवंटन का अधिकार खादय विभाग म.प्र. शासन को प्रदान किये गए है। इसके अलावा एम.पी. स्टेट सिविल सप्लाई कारपोरेशन लि. को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 (एक वर्ष) तक की अवधि के लिए 29,500 करोड़ रूपये की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति उपलब्ध कराई गई है। शासकीय प्रत्याभूति से उपलब्ध राशि के अलावा बाकी राशि की वित्त व्यवस्था ज्यादा ब्याज दर वाली आर.बी.आई. द्वारा राज्य शासन को प्रदत्त खाद्यान्न साख सीमा से की जाएगी। कृषक कल्याण के लिए मंडी शुल्क एक रुपये से 1.50 रुपये किए जाने का निर्णय -- अब जिलों में कोल्डस्टोरेज, वेयर हाउस, प्रसंस्करण इकाईयों एवं लॉजिस्टिक सुविधाओं को मिलेगा प्रोत्साहन मंत्रि-परिषद द्वारा मंडी शुल्क को एक रुपये के स्थान पर वृद्धि कर 1.50 रुपये किए जाने का निर्णय लिया है। इस राशि से जिलों में कोल्डस्टोरेज,वेयरहाउस प्रसंस्करण इकाईयों एवं लॉजिस्टिक सुविधाओं को प्रोत्साहन मिलेगा। इस शुल्क राशि में से 50 पैसे विपणन विकास निधि के अंश के रूप में किसानों के कल्याण में उपयोग किया जायेगा। निराश्रित शुल्क को यथावत् 20 पैसे रखा जायेगा। इस वृद्धि से इस वर्ष में लगभग 500 करोड़ रूपये की अतिरिक्त आय होना संभावित है। इस आय का उपयोग किसान सड़क निधि एवं कृषि अनुसंधान तथा अधोसंरचना विकास में किया जाएगा। किसान सड़क निधि ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण का अंश 20 पैसे, किसान सड़क निधि-मंडियो की मूलभूत संरचनाओं के लिए 10 पैसे, गौ-संवर्धन एवं संरक्षण निधि में 12 पैसे, मुख्यमंत्री कृषक जीवन कल्याण योजना के लिए 2 पैसे, प्रचार-प्रसार एवं कृषक सम्मेलन के लिए 1.75 पैसे और कृषि अनुसंधान एवं कृषि अधोसंरचना विकास निधि के लिए 4.25 पैसे का उपयोग किया जायेगा। कपास पर मंडी फीस की दर 1% से घटाकर 0.5% करने का अनुमोदन

कपास पर मंडी फीस की दर 1% से घटाकर 0.5% करने का अनुमोदन:विकास, तकनीकी नवाचार और किसान कल्याण के लिए 13 हजार 800 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में लिए गए निर्णय MP NEWS : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद की बैठक में मध्यप्रदेश के बुनियादी ढांचे, तकनीकी विकास और किसान कल्याण से जुड़े कार्यों के लिए लगभग 13 हजार 800 करोड़ रूपये…

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रक्षा मंत्री ने उत्तर प्रदेश के सीतापुर में रक्षा भूमि पर बड़ी सौर ऊर्जा परियोजना को मंजूरी दी

नई दिल्ली. ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने, नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने और रक्षा मंत्रालय की खाली पड़ी जमीनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने उत्तर प्रदेश के सीतापुर (पूर्व छावनी क्षेत्र) में लगभग 850 एकड़ रक्षा मंत्रालय की खाली पड़ी जमीन पर बैटरी…

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एक वृक्ष एक कार्यकर्ता के नाम से लगातार चलेगा यह अभियान- महेश जाटव

कांग्रेस ने काकागंज शमशान घाट पर किया वृक्षारोपण

एक वृक्ष एक कार्यकर्ता के नाम से लगातार चलेगा यह अभियान- महेश जाटव सागर/जिला शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष महेश जाटव के द्वारा एक वृक्ष- एक कार्यकर्ता अभियान चलाया जा रहा हैजिसके तहत शहर के विभिन्न क्षेत्रों पर वृक्षारोपण किया जाएगा इसी के तहत मंगलवार को काकागंज के शमशान घाट पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी क्रमांक-…

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बंडा नगर व क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर समाजवादी पार्टी ने सौपा ज्ञापन ज्ञान गुण सागर/बंडा। समाजवादी पार्टी ने बंडा नगर के निर्माण कार्य की जांच व अवैध शराब जुआ सट्टा एवं ग्राम पंचायतो में अमृत सरोवर निर्माण में हुए भ्रष्टाचार की जांच के साथ-साथ क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर राजेश आठिया जिला अध्यक्ष समाजवादी पार्टी के नेतृत्व में कलेक्टर को उद्घोषक ज्ञापन तहसीलदार बंडा को सौपा। ज्ञापन में उल्लेख है कि बंडा नगर में प्रतिवर्ष नगर वासियों को पीने के पानी की समस्या होती है जिसकी स्थाई व्यवस्था की जाए अभी बंडा नगर परिषद के द्वारा 5 से 6 करोड रुपए का बांध बनाया गया था बंडा नगर की पेयजल व्यवस्था के लिए लेकिन ठेकेदार व नगर परिषद के द्वारा बांध निर्माण में इतना भ्रष्टाचार हुआ कि उसमें एक बूंद भी पानी नहीं रुक रहा है अतः भ्रष्टाचार की जांच की जाए साथ ही बंडा नगर के बरा चौराहा पर अधूरे निर्माण कार्य पड़े हुए हैं जिससे आमजन को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है अधूरे निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण कराए जाएं बंडा नगर में सरेआम अवैध शराब ब सट्टा का खेल चल रहा है और पुलिस प्रशासन के द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही अवैध शराब व सटटा पर शीघ्र कार्रवाई की जाए साथ ही बंडा जनपद के अंतर्गत लगभग 6 से 7 ग्राम पंचायत में अमृत सरोवर बनाए गए थे ताकि ग्राम वासियों को पानी की समस्या ना हो लेकिन सरपंच सचिव के द्वारा अमृत सरोवर में भ्रष्टाचार किया गया कि आज वह सूखे पड़े हुए हैं अमृत सरोवरों के भ्रष्टाचार की जांच कर कार्रवाई की जाए । साथ ही समाजवादी पार्टी में मध्य भारत एग्रो प्रोडक्ट कंपनी से फैल रहे प्रदूषण को लेकर भी ज्ञापन सोपा है और फैक्ट्री प्रबंधन पर कार्रवाई की मांग की है । यदि मांगों का निराकरण नहीं किया गया तो आगामी समय में समाजवादी पार्टी ने उग्र प्रदर्शन की चेतावनी दी। ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्ता हेमराज लोधी अध्यक्ष प्रगति मानव कल्याण परिषद, ओमकार यादव जिला उपाध्यक्ष, रमेश यादव जिला सचिव, अखिलेश लोधी जिला अध्यक्ष प्रगति मानव कल्याण परिषद, जितेंद्र यादव जिला सचिव, त्रिलोक जोगी जिला मीडिया प्रभारी, मानसिंह यादव ब्लॉक उपाध्यक्ष शाहगढ़ ,रामस्वरूप यादव, हरि सिंह यादव ,संजय बाबू लोधी आदि के अलावा अनेकों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

बंडा नगर व क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर समाजवादी पार्टी ने सौपा ज्ञापन

बंडा। समाजवादी पार्टी ने बंडा नगर के निर्माण कार्य की जांच व अवैध शराब जुआ सट्टा एवं ग्राम पंचायतो में अमृत सरोवर निर्माण में हुए भ्रष्टाचार की जांच के साथ-साथ क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर राजेश आठिया जिला अध्यक्ष समाजवादी पार्टी के नेतृत्व में कलेक्टर को उद्घोषक ज्ञापन तहसीलदार बंडा को सौपा। ज्ञापन में उल्लेख है…

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