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केंद्रीय विश्वविद्यालय स्थापना दिवस पर डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय में व्याख्यान एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित

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ज्ञान गुण सागर/डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर के ‘केंद्रीय विश्वविद्यालय स्थापना दिवस’ के उपलक्ष्य में विश्वविद्यालय के ‘अभिमंच सभागार’ में अत्यंत उत्साह और गरिमापूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया| इस अवसर पर ‘शिक्षा, संस्कृति और समाज’ विषय पर विशेष व्याख्यान और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रख्यात साहित्यकार और शिक्षाविद् प्रो. विजय बहादुर सिंह थे और अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. यशवंत सिंह ठाकुर ने की| इस अवसर पर विश्वविद्यालय की कुलानुशासक प्रो. चंदा बेन और कुलसचिव डॉ. सत्य प्रकाश उपाध्याय मंचासीन थे| विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. एस. पी. उपाध्याय ने स्वागत वक्तव्य देते हुए विश्वविद्यालय के केन्द्रीय बनने और उसके बाद की कई उपलब्धियों और यात्रा को साझा किया|

कुलपति प्रो. यशवंत सिंह ठाकुर ने केंद्रीय विश्वविद्यालय बनने के गौरवशाली इतिहास पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इन 16 वर्षों में विश्वविद्यालय ने आधारभूत संरचना से लेकर शोध के क्षेत्र में लंबी दूरी तय की है। कुलपति ने विश्वविद्यालय की एक बड़ी उपलब्धि साझा करते हुए गर्व से कहा कि आज हमारा विश्वविद्यालय वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है। यह हमारे लिए अत्यंत गर्व का विषय है कि इस विश्वविद्यालय के कई शिक्षक विश्व के शीर्ष 02 प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में शामिल हैं। उन्होंने इस सफलता का श्रेय शिक्षकों और शोधार्थियों की कड़ी मेहनत को दिया। हमें इस विश्वविद्यालय को और अधिक आगे ले जाना है|

मुख्य वक्ता के रूप में ऑनलाइन रूप से उपस्थित प्रख्यात साहित्यकार और शिक्षाविद प्रो. विजय बहादुर सिंह ने ‘शिक्षा, संस्कृति और समाज’ विषय पर अपने विचार रखे।
व्याख्यान कार्यक्रम के उपरांत सभागार बुंदेली संस्कृति के रंगों में रंग गया। छात्रों ने पारंपरिक ‘बुंदेली बधाई नृत्य’ की ऊर्जावान प्रस्तुति दी, जिसने पूरे सभागार को तालियों की गड़गड़ाहट से भर दिया। इसके साथ ही मधुर बुंदेली गीतों की प्रस्तुति हुई, जिनमें ‘नर्मदा मैया’ की महिमा का गुणगान करने वाले भजनों और गीतों ने श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। कार्यक्रम में प्रो. नवीन कांगो, डॉ. अवधेश तोमर ने सांगीतिक प्रस्तुति दी| डॉ. राकेश सोनी ने माउथ ऑर्गन का वादन कर सभागार को संगीतमय कर दिया|

कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित अतिथियों, शिक्षकों और छात्रों ने एक साथ मिलकर राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ गाया। राष्ट्रगान के स्वर के साथ ही विश्वविद्यालय के निरंतर विकास और उज्ज्वल भविष्य के संकल्प के साथ इस ऐतिहासिक समारोह का समापन हुआ। कार्यक्रम का संचालन डॉ. शशि कुमार शिंह ने किया एवं आभार प्रो. चंदा बेन ने ज्ञापित किया| इस अवसर पर विश्वविद्यालय के सुरक्षा अधिकारी प्रो. राजेन्द्र यादव, प्रो. नवीन कानगो, प्रो. हिमांशु पाण्डेय, प्रो. अशोक अहिरवार, प्रो. सुनील सेन, प्रो. कालीनाथ झा, डॉ. मोहन टी. ए., डॉ. अलीम खान, डॉ. अनिल तिवारी, प्रो. एन. पी. सिंह, डॉ. राकेश सोनी, डॉ.हिमांशु, डॉ. अनुराग श्रीवास्तव, डॉ. ममता तिवारी, डॉ. सी. पी. उपाध्याय, डॉ. विवेक जायसवाल, डॉ. प्रीती बाधवानी, वीरेन्द्र प्रधान सहित कई शिक्षक, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे|


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