सागर। शिवपुरी में अधिवक्ता संजय सक्सेना की नृशंस हत्या के विरोध में आज पूरे मध्य प्रदेश के अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश देखा गया। इसी क्रम में जिला अधिवक्ता संघ, सागर के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य से विरत रहकर अपना विरोध दर्ज कराया और मुख्यमंत्री मोहन यादव के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
घटना का विवरण- ज्ञापन के अनुसार, शिवपुरी के अधिवक्ता संजय सक्सेना की दिनांक 14 फरवरी 2026 को उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जब वे अपनी यूनिफॉर्म में मोटरसाइकिल से कोर्ट जा रहे थे। इस सनसनीखेज वारदात के बाद से ही प्रदेश भर के वकील समुदाय में असुरक्षा और रोष का माहौल है।
जिला अधिवक्ता संघ सागर के अध्यक्ष जितेन्द्र सिंह राजपूत और सचिव वीरेन्द्र सिंह राजपूत के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में सरकार से मांगें की गई –
- मृतक अधिवक्ता के परिजनों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। परिवार के आश्रितों को सरकारी नौकरी प्रदान की जाए।
- हत्यारों और इस साजिश में शामिल सभी दोषियों को तत्काल गिरफ्तार कर उन पर कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाए।
- मध्य प्रदेश में अधिवक्ताओं पर बढ़ते हमलों को देखते हुए ‘अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट’ (Advocate Protection Act) को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए।
इस घटना के विरोध स्वरूप आज 16 फरवरी को प्रदेश के समस्त अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया। सागर जिला अधिवक्ता संघ ने इस निर्णय का पूर्ण समर्थन करते हुए स्पष्ट किया कि जब तक अधिवक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती और दोषियों को सजा नहीं मिलती, उनका संघर्ष जारी रहेगा।