प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रचा इतिहास, सागर के वृंदावन बाग मंदिर में भाजपा नेताओं ने किया हवन-पूजन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रचा इतिहास, सागर के वृंदावन बाग मंदिर में भाजपा नेताओं ने किया हवन-पूजन

सागर। भारतीय जनता पार्टी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सेवा, सुशासन एवं गरीब कल्याण के 12 वर्ष पूर्ण होने तथा देश के सर्वाधिक समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में उनके ऐतिहासिक योगदान के उपलक्ष्य में सागर शहर के वृंदावन बाग मंदिर में पूज्य महंत नरहरिदास महाराज के सान्निध्य में धार्मिक एवं…

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राजा लोधी की संदिग्ध मौत पर लोधी क्रांति सेना संगठन का ज्ञापन — दोषी पुलिस थाना स्टाप पर कार्रवाई की मांग

राजा लोधी की संदिग्ध मौत पर लोधी क्रांति सेना संगठन का ज्ञापन — दोषियों पर कार्रवाई की मांग

सागर। ग्राम इमलिया निवासी राजा लोधी की संदिग्ध मौत के मामले में लोधी क्रांति सेना संगठन ने पुलिस विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को संगठन के पदाधिकारियों ने पुलिस महानिरीक्षक सागर एवं खुरई थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपते हुए दोषी पुलिस थाना स्टाप एवं धनीराम अहिरवार एवं शुभम् अहिरवार पर तत्काल कार्रवाई…

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बीएमसी सागर की डॉ. अर्चना वर्मा AIIMS में सम्मानित

राष्ट्रीय स्तर पर फिजियोथेरेपी क्षेत्र को बड़ी उपलब्धि;BMC सागर की डॉ. अर्चना वर्मा AIIMS में सम्मानित

सागर. स्वास्थ्य सेवा एवं पुनर्वास विज्ञान के क्षेत्र में बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC), सागर ने राष्ट्रीय पटल पर अपनी छाप छोड़ी है। बीएमसी में पदस्थ फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. अर्चना वर्मा को AIIMS, नई दिल्ली में आयोजित नेशनल कॉन्फ्रेंस (NCAHRS-AIIMS) में प्रतिष्ठित “बेस्ट क्लिनिशियन अवॉर्ड” से नवाजा गया है।   उनके उत्कृष्ट क्लिनिकल कार्य और मरीजों के वैज्ञानिक पुनर्वास…

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श्री रुद्राक्ष धाम मंदिर प्रांगण में हुआ गोवर्धन पूजन समारोह

पूर्व गृहमंत्री, खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह की निजी गौशाला से आए चार ट्राली गाय के गोबर से निर्मित हुए भगवान गोवर्धन सागर। श्री रुद्राक्ष धाम में उपस्थित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने गौशाला के गाय गोबर से बने विराट काय भगवान गोवर्धन स्वरूप का  सामूहिक पूजन किया। पूर्व गृहमंत्री, खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह द्वारा इस आयोजित भगवान…

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सिद्धत्व

सिद्धत्व फाउंडेशन एवं शासकीय आईटीआई की पहल: 15 दिवसीय OGT कार्यक्रम में युवाओं को मिला तकनीकी शिक्षा, रोजगार, संस्कार एवं पर्यावरण संरक्षण का मार्गदर्शन

सागर। युवाओं को तकनीकी शिक्षा, रोजगारोन्मुखी कौशल, उद्योगों की कार्यप्रणाली एवं जीवन मूल्यों से जोड़ने के उद्देश्य से सिद्धत्व फाउंडेशन एवं शासकीय आईटीआई, सागर के संयुक्त तत्वावधान में 15 दिवसीय OGT (ऑन जॉब गाइडेंस एंड ट्रेनिंग) कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन आनंद टाटा मोटर्स में किया गया, जहां विद्यार्थियों को उद्योग…

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद की बैठक में मध्यप्रदेश के बुनियादी ढांचे, तकनीकी विकास और किसान कल्याण से जुड़े कार्यों के लिए लगभग 13 हजार 800 करोड़ रूपये की स्वीकृति के साथ कई बड़े एवं महत्वपूर्ण निर्णयों पर मुहर लगाई गई है। बैठक में भोपाल मेट्रो रेल परियोजना की संशोधित कुल लागत और अतिरिक्त वित्त पोषण को मिलाकर 13,565.84 करोड़ रूपये की पुनरीक्षित राशि की स्वीकृति दी गई। अब भोपाल शहर के यातायात नेटवर्क को बड़ा विस्तार मिलेगा। इसके साथ ही राज्य में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को सुदृढ़ करने के लिए आगामी 5 वर्षों 2026-2031 के लिए आई.टी. संवर्ग परामर्श सेवाओं और कार्य योजना के लिए 235 करोड़ 63 लाख रूपये स्वीकृत किए गए है। कृषि और व्यापार जगत को गति देने के लिए मंत्रि-परिषद ने कपास पर मंडी फीस की दर को 1% से घटाकर 0.5% करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है, जिससे स्थानीय जिनिंग मिलों को मजबूती मिलेगी और रोजगार बढ़ेगा। किसान हित में सामान्य मंडी शुल्क को एक रूपये से बढ़ाकर एक रूपये 50 पैसे किया गया है। शुल्क के रूप में प्राप्त होने वाली 500 करोड़ रूपये की अनुमानित अतिरिक्त आय का उपयोग सीधे किसान सड़क निधि और कृषि अनुसंधान के विकास में किया जाएगा। आगामी रबी और खरीफ विपणन सत्रों में फसलों के सुचारू उपार्जन को सुनिश्चित करने के लिए MPSCSC और मार्कफेड को 8,600 करोड़ रूपये की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति देने की भी बड़ी मंजूरी दी गई है। यह फैसले प्रदेश की आर्थिक और सामाजिक उन्नति की दिशा में सशक्त कदम साबित होंगे। भोपाल मेट्रो की पुनरीक्षित लागत और अतिरिक्त वित्त पोषण के लिए 13,565.84 करोड़ रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने भोपाल मेट्रो रेल परियोजना की मूल लागत 6,941.40 करोड़ में 3,092.22 करोड़ रूपये की अतिरिक्त लागत जोड़कर संशोधित कुल लागत 10,033.62 करोड़ रूपये के प्रस्ताव पर स्वीकृति प्रदान की है। मंत्रि-परिषद ने इसके अतिरिक्त उद्योग के स्वीकृत मानदंडों के अनुसार परियोजना के लिए अतिरिक्त वित्त पोषण के लिए 3,532 करोड़ 22 लाख रूपये की भी स्वीकृति प्रदान की है। इसमें भारत शासन और राज्य शासन द्वारा 995 करोड़ 9 लाख रूपये की अतिरिक्त इक्विटी और केन्द्रीय करों के लिए 84 करोड़ 54 लाख रूपये का अतिरिक्त अधीनस्थ ऋण, वित्तपोषण एजेंसी बैंकों से ऋण निधि के विरुद्ध 1,620 करोड़ 64 लाख रूपये का अतिरिक्त PTA/आंतरिक ऋण, मध्यप्रदेश शासन से भूमि की लागत और पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन के लिए 138 करोड़ 38 लाख रूपये का अतिरिक्त अधीनस्थ ऋण तथा मध्यप्रदेश शासन से राज्य करों के लिए 446 करोड़ 35 लाख रूपये एवं IDC की लागत के लिए 246 करोड़ 41 लाख रूपये का अतिरिक्त अनुदान शामिल है। आई.टी. संवर्ग परामर्श सेवाओं और कार्य के लिए 235 करोड़ 63 लाख रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग अंतर्गत राज्य आई.टी. संवर्ग परामर्श सेवाओं के लिए अनुदान और सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी कार्य योजना 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की अवधि तक निरंतर संचालन के लिए 235 करोड़ 63 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। स्वीकृति अनुसार राज्य आई.टी. संवर्ग परामर्श सेवाओं के लिए अनुदान योजना के लिए 180 करोड़ 20 लाख रूपये स्वीकृत किए गए हैं। योजना के अंतर्गत शासन के विभिन्न विभागों, निगमों, प्राधिकरणों एवं परियोजनाओं को तकनीकी परामर्श सेवाएँ प्रदान करने के लिए राज्य स्तरीय आई.टी. संवर्ग का गठन किया गया है। योजना से प्राप्त अनुदान का उपयोग विशेषज्ञों की नियुक्ति, प्रशिक्षण, क्षमता-विकास एवं विभागीय आवश्यकताओं के अनुरूप परामर्श सेवाओं के लिए किया जाता है। यह योजना वर्तमान में शासन की डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन प्रक्रिया की आधारभूत आवश्यकता है तथा भविष्य में कृत्रिम बुद्धिमता (एआई), बिग डाटा एनालिटिक्स, ब्लॉक चेन तकनीक एवं सायबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में राज्य की तैयारियों को सुदृढ़ करने के लिए भी अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। मंत्रि-परिषद द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी कार्य योजना के लिए 55 करोड़ 43 लाख रूपये स्वीकृत किए गए है। योजना से VBTC प्रशिक्षण केंद्र द्वारा अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आईटी, ई-गवर्नेस, सायबर सुरक्षा तथा डेटा प्रबंधन विषयों पर नियमित प्रशिक्षण प्रदान कर उनकी तकनीकी दक्षता और प्रशासनिक कार्य कुशलता में वृद्धि की जायेगी। एमपीएसईडीसी जैसी नोडल एजेंसियों को सहायक अनुदान उपलब्ध कराकर विभिन्न आईटी एवं ई-गवर्नेस परियोजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। राज्य, संभाग और जिला स्तर पर आयोजित कार्य शालाओं एवं सेमिनारों के माध्यम से विभागीय क्षमता संवर्धन तथा आईटी जागरुकता को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही 'ई-गवर्नेस उत्कृष्टता पुरस्कार" के माध्यम से विभागों एवं अधिकारियों के नवाचारों को प्रोत्साहित किया जाएगा। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से मध्यप्रदेश को ई-गवर्नेस के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने में सहायता मिलेगी। कपास पर मंडी फीस की दर 1% से घटाकर 0.5% करने का अनुमोदन मंत्रि-परिषद ने कपास जिनिंग मिलों की आवश्यकता को देखते हुए कपास पर मंडी फीस की दर 1% से घटाकर 0.5% करने का अनुमोदन दिया है। प्रदेश में लगभग 158 कपास जिनिंग मिलें है, जिनकी प्रसंस्करण क्षमता लगभग 13 लाख मीट्रिक टन है। प्रदेश में कपास पर मंडी फीस की दर में कमी किए जाने से जिनिंग मिलों के द्वारा अन्य पड़ोसी राज्यों में पलायन की अपेक्षा प्रदेश में ही व्यवसाय करने को प्राथमिकता दी जाएगी जिससे रोजगार में तथा जी.एस.टी संग्रहण में वृद्धि होगी। जिनिंग मिलों की इनपुट लागत में कमी आएगी और उनकी आर्थिक व्यवहारिता में वृद्धि होगी। वे प्रतिस्पर्धात्मक बाजार में अपनी स्थिति सुदृढ़ बनाए रखने में सक्षम होगी। एम.पी. स्टेट सिविल सप्लाईज कारपोरेशन और मार्कफेड को 8,600 करोड़ रूपये की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति उपलब्ध कराए जाने की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा निर्णय लिया गया कि आगामी रबी विपणन वर्ष 2026 में गेहूँ उपार्जन और इसके बाद खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान एवं मोटे अनाजों के उपार्जन के दृष्टिगत विभिन्न बैंकों (शेडयूल्ड/राष्ट्रीयकृत/जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक), नाबार्ड, एवं सार्वजनिक वित्तीय संस्थाओं से धनराशि उधार लेने के लिए वर्तमान जारी वित्त व्यवस्थाओं की निरंतरता के लिए और आर.बी.आई अपेक्षा के अनुक्रम में ज्यादा ब्याज दर वाली खाद्यान्न साख सीमा के पुनर्भुगतान आदि परिदृश्यों को ध्यान में रखते हुए एम.पी. स्टेट सिविल सप्लाई कारपोरेशन लि. एवं मार्कफेड को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की द्वय खाद्यान्न साख सीमा के पुनर्भुगतान के लिए 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च मार्च 2027 तक के लिए 8,600 करोड़ रूपये की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति उपलब्ध कराए जाने की स्वीकृति दी है। निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति में से समय समय पर MPSCSC और मार्कफेड के मध्य पुर्नआवंटन का अधिकार खादय विभाग म.प्र. शासन को प्रदान किये गए है। इसके अलावा एम.पी. स्टेट सिविल सप्लाई कारपोरेशन लि. को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 (एक वर्ष) तक की अवधि के लिए 29,500 करोड़ रूपये की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति उपलब्ध कराई गई है। शासकीय प्रत्याभूति से उपलब्ध राशि के अलावा बाकी राशि की वित्त व्यवस्था ज्यादा ब्याज दर वाली आर.बी.आई. द्वारा राज्य शासन को प्रदत्त खाद्यान्न साख सीमा से की जाएगी। कृषक कल्याण के लिए मंडी शुल्क एक रुपये से 1.50 रुपये किए जाने का निर्णय -- अब जिलों में कोल्डस्टोरेज, वेयर हाउस, प्रसंस्करण इकाईयों एवं लॉजिस्टिक सुविधाओं को मिलेगा प्रोत्साहन मंत्रि-परिषद द्वारा मंडी शुल्क को एक रुपये के स्थान पर वृद्धि कर 1.50 रुपये किए जाने का निर्णय लिया है। इस राशि से जिलों में कोल्डस्टोरेज,वेयरहाउस प्रसंस्करण इकाईयों एवं लॉजिस्टिक सुविधाओं को प्रोत्साहन मिलेगा। इस शुल्क राशि में से 50 पैसे विपणन विकास निधि के अंश के रूप में किसानों के कल्याण में उपयोग किया जायेगा। निराश्रित शुल्क को यथावत् 20 पैसे रखा जायेगा। इस वृद्धि से इस वर्ष में लगभग 500 करोड़ रूपये की अतिरिक्त आय होना संभावित है। इस आय का उपयोग किसान सड़क निधि एवं कृषि अनुसंधान तथा अधोसंरचना विकास में किया जाएगा। किसान सड़क निधि ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण का अंश 20 पैसे, किसान सड़क निधि-मंडियो की मूलभूत संरचनाओं के लिए 10 पैसे, गौ-संवर्धन एवं संरक्षण निधि में 12 पैसे, मुख्यमंत्री कृषक जीवन कल्याण योजना के लिए 2 पैसे, प्रचार-प्रसार एवं कृषक सम्मेलन के लिए 1.75 पैसे और कृषि अनुसंधान एवं कृषि अधोसंरचना विकास निधि के लिए 4.25 पैसे का उपयोग किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद की बैठक में मध्यप्रदेश के बुनियादी ढांचे, तकनीकी विकास और किसान कल्याण से जुड़े कार्यों के लिए लगभग 13 हजार 800 करोड़ रूपये की स्वीकृति के साथ कई बड़े एवं महत्वपूर्ण निर्णयों पर मुहर लगाई गई है। बैठक में भोपाल मेट्रो रेल परियोजना की संशोधित कुल लागत और अतिरिक्त वित्त पोषण को मिलाकर 13,565.84 करोड़ रूपये की पुनरीक्षित राशि की स्वीकृति दी गई। अब भोपाल शहर के यातायात नेटवर्क को बड़ा विस्तार मिलेगा। इसके साथ ही राज्य में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को सुदृढ़ करने के लिए आगामी 5 वर्षों 2026-2031 के लिए आई.टी. संवर्ग परामर्श सेवाओं और कार्य योजना के लिए 235 करोड़ 63 लाख रूपये स्वीकृत किए गए है। कृषि और व्यापार जगत को गति देने के लिए मंत्रि-परिषद ने कपास पर मंडी फीस की दर को 1% से घटाकर 0.5% करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है, जिससे स्थानीय जिनिंग मिलों को मजबूती मिलेगी और रोजगार बढ़ेगा। किसान हित में सामान्य मंडी शुल्क को एक रूपये से बढ़ाकर एक रूपये 50 पैसे किया गया है। शुल्क के रूप में प्राप्त होने वाली 500 करोड़ रूपये की अनुमानित अतिरिक्त आय का उपयोग सीधे किसान सड़क निधि और कृषि अनुसंधान के विकास में किया जाएगा। आगामी रबी और खरीफ विपणन सत्रों में फसलों के सुचारू उपार्जन को सुनिश्चित करने के लिए MPSCSC और मार्कफेड को 8,600 करोड़ रूपये की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति देने की भी बड़ी मंजूरी दी गई है। यह फैसले प्रदेश की आर्थिक और सामाजिक उन्नति की दिशा में सशक्त कदम साबित होंगे। भोपाल मेट्रो की पुनरीक्षित लागत और अतिरिक्त वित्त पोषण के लिए 13,565.84 करोड़ रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने भोपाल मेट्रो रेल परियोजना की मूल लागत 6,941.40 करोड़ में 3,092.22 करोड़ रूपये की अतिरिक्त लागत जोड़कर संशोधित कुल लागत 10,033.62 करोड़ रूपये के प्रस्ताव पर स्वीकृति प्रदान की है। मंत्रि-परिषद ने इसके अतिरिक्त उद्योग के स्वीकृत मानदंडों के अनुसार परियोजना के लिए अतिरिक्त वित्त पोषण के लिए 3,532 करोड़ 22 लाख रूपये की भी स्वीकृति प्रदान की है। इसमें भारत शासन और राज्य शासन द्वारा 995 करोड़ 9 लाख रूपये की अतिरिक्त इक्विटी और केन्द्रीय करों के लिए 84 करोड़ 54 लाख रूपये का अतिरिक्त अधीनस्थ ऋण, वित्तपोषण एजेंसी बैंकों से ऋण निधि के विरुद्ध 1,620 करोड़ 64 लाख रूपये का अतिरिक्त PTA/आंतरिक ऋण, मध्यप्रदेश शासन से भूमि की लागत और पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन के लिए 138 करोड़ 38 लाख रूपये का अतिरिक्त अधीनस्थ ऋण तथा मध्यप्रदेश शासन से राज्य करों के लिए 446 करोड़ 35 लाख रूपये एवं IDC की लागत के लिए 246 करोड़ 41 लाख रूपये का अतिरिक्त अनुदान शामिल है। आई.टी. संवर्ग परामर्श सेवाओं और कार्य के लिए 235 करोड़ 63 लाख रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग अंतर्गत राज्य आई.टी. संवर्ग परामर्श सेवाओं के लिए अनुदान और सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी कार्य योजना 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की अवधि तक निरंतर संचालन के लिए 235 करोड़ 63 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। स्वीकृति अनुसार राज्य आई.टी. संवर्ग परामर्श सेवाओं के लिए अनुदान योजना के लिए 180 करोड़ 20 लाख रूपये स्वीकृत किए गए हैं। योजना के अंतर्गत शासन के विभिन्न विभागों, निगमों, प्राधिकरणों एवं परियोजनाओं को तकनीकी परामर्श सेवाएँ प्रदान करने के लिए राज्य स्तरीय आई.टी. संवर्ग का गठन किया गया है। योजना से प्राप्त अनुदान का उपयोग विशेषज्ञों की नियुक्ति, प्रशिक्षण, क्षमता-विकास एवं विभागीय आवश्यकताओं के अनुरूप परामर्श सेवाओं के लिए किया जाता है। यह योजना वर्तमान में शासन की डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन प्रक्रिया की आधारभूत आवश्यकता है तथा भविष्य में कृत्रिम बुद्धिमता (एआई), बिग डाटा एनालिटिक्स, ब्लॉक चेन तकनीक एवं सायबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में राज्य की तैयारियों को सुदृढ़ करने के लिए भी अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। मंत्रि-परिषद द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी कार्य योजना के लिए 55 करोड़ 43 लाख रूपये स्वीकृत किए गए है। योजना से VBTC प्रशिक्षण केंद्र द्वारा अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आईटी, ई-गवर्नेस, सायबर सुरक्षा तथा डेटा प्रबंधन विषयों पर नियमित प्रशिक्षण प्रदान कर उनकी तकनीकी दक्षता और प्रशासनिक कार्य कुशलता में वृद्धि की जायेगी। एमपीएसईडीसी जैसी नोडल एजेंसियों को सहायक अनुदान उपलब्ध कराकर विभिन्न आईटी एवं ई-गवर्नेस परियोजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। राज्य, संभाग और जिला स्तर पर आयोजित कार्य शालाओं एवं सेमिनारों के माध्यम से विभागीय क्षमता संवर्धन तथा आईटी जागरुकता को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही 'ई-गवर्नेस उत्कृष्टता पुरस्कार" के माध्यम से विभागों एवं अधिकारियों के नवाचारों को प्रोत्साहित किया जाएगा। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से मध्यप्रदेश को ई-गवर्नेस के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने में सहायता मिलेगी। कपास पर मंडी फीस की दर 1% से घटाकर 0.5% करने का अनुमोदन मंत्रि-परिषद ने कपास जिनिंग मिलों की आवश्यकता को देखते हुए कपास पर मंडी फीस की दर 1% से घटाकर 0.5% करने का अनुमोदन दिया है। प्रदेश में लगभग 158 कपास जिनिंग मिलें है, जिनकी प्रसंस्करण क्षमता लगभग 13 लाख मीट्रिक टन है। प्रदेश में कपास पर मंडी फीस की दर में कमी किए जाने से जिनिंग मिलों के द्वारा अन्य पड़ोसी राज्यों में पलायन की अपेक्षा प्रदेश में ही व्यवसाय करने को प्राथमिकता दी जाएगी जिससे रोजगार में तथा जी.एस.टी संग्रहण में वृद्धि होगी। जिनिंग मिलों की इनपुट लागत में कमी आएगी और उनकी आर्थिक व्यवहारिता में वृद्धि होगी। वे प्रतिस्पर्धात्मक बाजार में अपनी स्थिति सुदृढ़ बनाए रखने में सक्षम होगी। एम.पी. स्टेट सिविल सप्लाईज कारपोरेशन और मार्कफेड को 8,600 करोड़ रूपये की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति उपलब्ध कराए जाने की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा निर्णय लिया गया कि आगामी रबी विपणन वर्ष 2026 में गेहूँ उपार्जन और इसके बाद खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान एवं मोटे अनाजों के उपार्जन के दृष्टिगत विभिन्न बैंकों (शेडयूल्ड/राष्ट्रीयकृत/जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक), नाबार्ड, एवं सार्वजनिक वित्तीय संस्थाओं से धनराशि उधार लेने के लिए वर्तमान जारी वित्त व्यवस्थाओं की निरंतरता के लिए और आर.बी.आई अपेक्षा के अनुक्रम में ज्यादा ब्याज दर वाली खाद्यान्न साख सीमा के पुनर्भुगतान आदि परिदृश्यों को ध्यान में रखते हुए एम.पी. स्टेट सिविल सप्लाई कारपोरेशन लि. एवं मार्कफेड को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की द्वय खाद्यान्न साख सीमा के पुनर्भुगतान के लिए 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च मार्च 2027 तक के लिए 8,600 करोड़ रूपये की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति उपलब्ध कराए जाने की स्वीकृति दी है। निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति में से समय समय पर MPSCSC और मार्कफेड के मध्य पुर्नआवंटन का अधिकार खादय विभाग म.प्र. शासन को प्रदान किये गए है। इसके अलावा एम.पी. स्टेट सिविल सप्लाई कारपोरेशन लि. को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 (एक वर्ष) तक की अवधि के लिए 29,500 करोड़ रूपये की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति उपलब्ध कराई गई है। शासकीय प्रत्याभूति से उपलब्ध राशि के अलावा बाकी राशि की वित्त व्यवस्था ज्यादा ब्याज दर वाली आर.बी.आई. द्वारा राज्य शासन को प्रदत्त खाद्यान्न साख सीमा से की जाएगी। कृषक कल्याण के लिए मंडी शुल्क एक रुपये से 1.50 रुपये किए जाने का निर्णय -- अब जिलों में कोल्डस्टोरेज, वेयर हाउस, प्रसंस्करण इकाईयों एवं लॉजिस्टिक सुविधाओं को मिलेगा प्रोत्साहन मंत्रि-परिषद द्वारा मंडी शुल्क को एक रुपये के स्थान पर वृद्धि कर 1.50 रुपये किए जाने का निर्णय लिया है। इस राशि से जिलों में कोल्डस्टोरेज,वेयरहाउस प्रसंस्करण इकाईयों एवं लॉजिस्टिक सुविधाओं को प्रोत्साहन मिलेगा। इस शुल्क राशि में से 50 पैसे विपणन विकास निधि के अंश के रूप में किसानों के कल्याण में उपयोग किया जायेगा। निराश्रित शुल्क को यथावत् 20 पैसे रखा जायेगा। इस वृद्धि से इस वर्ष में लगभग 500 करोड़ रूपये की अतिरिक्त आय होना संभावित है। इस आय का उपयोग किसान सड़क निधि एवं कृषि अनुसंधान तथा अधोसंरचना विकास में किया जाएगा। किसान सड़क निधि ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण का अंश 20 पैसे, किसान सड़क निधि-मंडियो की मूलभूत संरचनाओं के लिए 10 पैसे, गौ-संवर्धन एवं संरक्षण निधि में 12 पैसे, मुख्यमंत्री कृषक जीवन कल्याण योजना के लिए 2 पैसे, प्रचार-प्रसार एवं कृषक सम्मेलन के लिए 1.75 पैसे और कृषि अनुसंधान एवं कृषि अधोसंरचना विकास निधि के लिए 4.25 पैसे का उपयोग किया जायेगा। कपास पर मंडी फीस की दर 1% से घटाकर 0.5% करने का अनुमोदन

कपास पर मंडी फीस की दर 1% से घटाकर 0.5% करने का अनुमोदन:विकास, तकनीकी नवाचार और किसान कल्याण के लिए 13 हजार 800 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में लिए गए निर्णय MP NEWS : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद की बैठक में मध्यप्रदेश के बुनियादी ढांचे, तकनीकी विकास और किसान कल्याण से जुड़े कार्यों के लिए लगभग 13 हजार 800 करोड़ रूपये…

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डॉ. हरीसिंह गौर की 156वीं जयंती पर विश्वविद्यालय के गौर प्रांगण में आयोजित मुख्य कार्यक्रम का सीधा प्रसारण

सागर। डॉ. सर हरीसिंह गौर जी की 156वीं जयंती पर विश्वविद्यालय के गौर प्रांगण में आयोजित मुख्य कार्यक्रम का सीधा प्रसारण इस यूट्यूब लिंक के माध्यम से देखा जा सकता है।

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अधिकार के साथ कर्तव्यों का भी करें निर्वहन – विधायक वीरेन्द्र सिंह लम्बरदार

विभिन्न ग्रामों में सामुदायिक भवनों के निर्माण कार्यों का हुआ भूमिपूजन ज्ञान गुण सागर/बण्डा । बण्डा विधानसभा क्षेत्र के विधायक वीरेन्द्र सिंह लम्बरदार ने क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों में सामुदायिक भवनों के निर्माण कार्यों का विधिवत भूमिपूजन किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक वीरेन्द्र सिंह लम्बरदार ने कहा कि उनका सदैव यह प्रयास रहा…

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मकरोनिया के नवनियुक्त एल्डरमैनों ने जिला अध्यक्ष श्याम तिवारी से की भेंट,जिला अध्यक्ष बोलें नवनियुक्त एल्डरमैन नगर विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे

सागर। मकरोनिया नगर पालिका परिषद के नवनियुक्त एल्डरमैन श्रीमती सुधा शर्मा, नरेंद्र रोहित, गोकुल ठाकुर, अमित सिंह, केदार शर्मा एवं मुकेश यादव ने संभागीय भाजपा कार्यालय पहुंचकर भाजपा जिला अध्यक्ष श्याम तिवारी से सौजन्य भेंट कर उनका स्वागत करते हुए आभार व्यक्त किया। जिला अध्यक्ष श्याम तिवारी ने सभी नवनियुक्त एल्डरमैन गणों को नई जिम्मेदारी…

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Rangbhari Ekadashi: रंगभरी एकादशी/ग्यारस 2026 कब है? जानिए क्या है इसका धार्मिक महत्व और काशी की अनोखी परंपरा

आज रंगभरी ग्यारस है, जिसे रंगभरी एकादशी(Rangbhari Ekadashi) भी कहा जाता है, फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाई जाती है। यह पर्व विशेष रूप से वाराणसी में अत्यंत धूमधाम से मनाया जाता है।पौराणिक मान्यता के अनुसार, विवाह के बाद इसी दिन भगवान शिव पहली बार माता पार्वती को अपने धाम काशी लेकर…

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