सागर। अखिल भारतीय दर्शन परिषद् के 70वे अधिवेशन जो कि जय प्रकाश विश्वविद्यालय छपरा, बिहार के तत्वधान में 23 से 25 मार्च को सम्पन्न हुआ। इस अधिवेशन के समानांतर सत्र के तत्वमीमांसा विभाग में विभा पाण्डेय द्वारा “चराचर संवेदी अवधारणा के आलोक मे सामान्य नित्यानित्य स्वरूप की उपादेयता” विषय पर शोध आलेख प्रस्तुत किया गया। जिसमें विभिन्न विभाग में प्रस्तुत आलेखों में से विभा पाण्डेय का आलेख युवा आलेखों में सर्वश्रेष्ठ चुना गया फलस्वरूप इन्हें डॉ. विजयश्री स्मृति पुरस्कार दिया गया।

विभा पाण्डेय जो मूलरूप से प्रयागराज उत्तर प्रदेश के मूल निवासी हैं को डॉ. विजयश्री स्मृति-पुरस्कार महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय, मोतिहारी के कुलपति प्रो. संजय श्रीवास्तव के हाथों प्रदान किया गया। इस अवसर पर जय प्रकाश विश्वविद्यालय के कुलपति परमेंद्र कुमार बाजपेई, मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. संजय श्रीवास्तव (कुलपति, महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय, मोतिहारी), वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो. शशि प्रताप शाही (कुलपति, मगध विश्वविद्यालय, बोधगया) एवं प्रो. लक्ष्मी निवास पाण्डेय (कुलपति, कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय) एवम् आखिल भारतीय दर्शन परिषद् के अध्यक्ष प्रो.अम्बिका दत्त शर्मा (सेवानिवृत्त दर्शन डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय सागर मध्य प्रदेश) मौजूद रहे। बताते चले कि विभा पाण्डेय डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय सागर मध्य प्रदेश के दर्शनशास्त्र विभाग की शोधार्थी है। यह उपलब्धि दर्शनशास्त्र विभाग के लिए गौरवान्वित करने वाली बात है। यह उपलब्धि अन्य विद्यार्थियों और शोधार्थियों के प्रेरणास्त्रोत है।