युवाओं और किसानों के प्रेरणा स्रोत बने युवा जैविक कृषक आकाश चौरसिया: प्राकृतिक उत्पादों की दिल्ली, मुम्बई सहित विदेशों में भी हो रही डिमांड
सागर ।सागर जिले के ग्राम कपुरिया के युवा कृषक आकाश चौरसिया सागर जिले के ही नहीं पूरे देश भर के किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने हैं। जैविक कृषक आकाश चौरसिया ग्राम कपुरिया में स्थित अपने 16 एकड़ के कृषि फार्म में प्राकृतिक एवं जैविक खेती कर सरसों, राई, गेहूँ की लगभग 36 प्रकार की प्रजातियों का उत्पादन करते हैं। वहीं बारहमासी अरहर, उड़द, लगभग 16 प्रकार के विभिन्न किस्मों और प्रजातियों के चने की खेती करते हैं। वहीं उद्यानिकी फसलों में मल्टीलेयर फार्मिंग में काली हल्दी, करेला, अदरक, पपीता, सहजन, कुन्दुरू की जैविक खेती कर लाखों की रुपए की आय अर्जित कर रहे हैं।
जैविक कृषक आकाश चौरसिया अपने प्राकृतिक जैविक कृषि फार्म में विभिन्न प्रजातियों के उन्नत किस्म के आम, कटहल, आँवले के पौधे लगाकर अच्छी आय अर्जित कर रहे हैं। इसके अलावा कृषक आकाश चौरसिया देशी नस्ल की गिर, मालवी, शाहीवाल गाय का पालन करते हैं। आकाश चौरसिया की गौशाला पूर्णतः प्राकृतिक गौशाला है। जिसमें देशी नस्ल की गायों का पालन प्राकृतिक तौर से किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि देशी गायों के दूध से घी बनाते हैं जिसकी काफी मांग है। उन्होंने बताया कि देशी गायों को जैविक तौर से उत्पादित शतावर, मुसली एवं अन्य औषधी पौधे खिलाकर गायों का पोषण करते हैं, गायों को सिर्फ प्राकृतिक और जैविक आहार ही देते हैं। जिससे उच्च गुणवत्ता का दूध प्राप्त होता है। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक कृषि फार्म में गायों के गोबर से गोबर गैस भी तैयार किया जाता है तथा जैविक खाद तैयार कर प्राकृतिक खेती के उपयोग में लाया जाता है। नस्ल सुधार के लिए गिर गाय के नंदी को क्षेत्र के किसानों को निशुल्क मुहैया कराया जाता है। जैविक कृषि फार्म कपुरिया में लगभग 5 एकड़ का रिर्जव फॉरेस्ट है जहां गाय एवं अन्य पशु विचरण कर अपना प्राकृतिक आहार ग्रहण करते हैं। जैविक कृषक ने लगभग 5 एकड़ भूमि में बांस, बहेड़ा, हरड़ एवं अन्य प्रजातियों के पौधे लगाकर 5 एकड़ भूमि का वनीकरण किया है। उन्होंने बताया कि इसमें वह हर साल पौधरोपण करते हैं।
उन्होंने बताया कि उनके प्राकृतिक जैविक कृषि फार्म में चौसा, दशहरी, केसर, लंगड़ा, बारहमासी आम, नीबू, संतरा, हरड़, बहेड़ा सहित अन्य फलों का उत्पादन होता है। उन्होंने बताया कि आमों की बागबानी से प्रति वर्ष लगभग चार टन आमों का उत्पादन होता है। जिसकी दिल्ली, मुम्बई सहित देश के अन्य महानगरों में, देश के प्रसिद्ध व्यक्तियों तक होम डिलीवरी कर अच्छी आय अर्जित की जा रही है। उन्होंने बताया कि कटहल का उत्पादन भी कृषि फार्म में प्राकृतिक तौर से किया जाता है, जिसकी बाजार में काफी डिमाण्ड है।
कमिश्नर सागर संभाग अनिल सुचारी ने ग्राम कपुरिया पहुँचकर प्राकृतिक एवं जैविक खेती कर रहे युवा कृषक आकाश चौरसिया के प्राकृतिक एवं जैविक कृषि फार्म का निरीक्षण किया। इस दौरान कमिश्नर ने मल्टीलेयर फार्मिंग, प्राकृतिक मल्टीलेयर अरहर कृषि फार्म की बागवानी, प्रस्तावित कृषि आधारित ग्रंथों की लाईब्रेरी एवं कृषि फार्म द्वारा उत्पादित अनाजों एवं उत्पादित वस्तुओं का अवलोकन किया।
कमिश्नर ने सागर जिले में प्राकृतिक एवं जैविक खेती कर रहे युवा कृषक आकाश चौरसिया की बहुत सराहना की तथा कहा कि आप देश के युवाओं के प्रेरणास्त्रोत और मार्गदर्शक हैं, मैं आपके प्रयासों और प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों की मुक्तकंठ से सराहना करता हूँ।
प्राकृतिक कृषि फार्म के निरीक्षण के दौरान कृषक आकाश चौरसिया ने कमिश्नर को बताया कि कृषि फार्म में प्राकृतिक रूप से खेती करने कृषि फार्म का तापमान बाहर के तापमान से लगभग 7 से 8 डिग्री से कम होता है। जिसके कारण कृषि फार्म में सर्दी के मौसम में पैदा होने वाली सब्जियाँ और फसलें भी उगाई जा रही हैं। प्राकृतिक खेती के कारण कृषि फार्म की भूमि काफी उपजाऊ है तथा भूमि का कार्बन प्रतिशत काफी अच्छा है। उन्होंने बताया कि कृषि फार्म में वे जैविक खाद स्वयं बनाते हैं, गायों के गोबर से प्राकृतिक तौर पर गैस बनाते हैं, बीज स्वयं तैयार करते हैं एवं पौधों की नर्सरी भी तैयार करते हैं। कृषि फार्म के अच्छे वातावरण के कारण कृषि फार्म के पेड़ों में और जंगल में विभिन्न प्रजाति के पक्षियों ने अपना बसेरा बनाया है। उन्होंने बताया कि जैविक कृषि फार्म में अब तक लगभग एक लाख 56 हजार किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। आत्मा परियोजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश के किसानों को प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण के दौरान बाहर से आने वाले कृषक प्राकृतिक एवं जैविक खेती का प्रशिक्षण लेकर अभीभूत होते हैं। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक एवं जैविक खेती के लिए सागर जिले के कृषि अधिकारी एवं उद्यानिकी विभाग के अधिकारी सतत रूप से उन्हें प्रेरित करते हैं तथा समय-समय पर मार्गदर्शन भी देते हैं।
जैविक कृषि फार्म के भ्रमण के दौरान संयुक्त संचालक कृषि राजेश त्रिपाठी, परियोजना संचालक आत्मा मुकेश प्रजापति सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।