सागर। युवाओं को तकनीकी शिक्षा, रोजगारोन्मुखी कौशल, उद्योगों की कार्यप्रणाली एवं जीवन मूल्यों से जोड़ने के उद्देश्य से सिद्धत्व फाउंडेशन एवं शासकीय आईटीआई, सागर के संयुक्त तत्वावधान में 15 दिवसीय OGT (ऑन जॉब गाइडेंस एंड ट्रेनिंग) कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन आनंद टाटा मोटर्स में किया गया, जहां विद्यार्थियों को उद्योग जगत की कार्यप्रणाली, रोजगार की संभावनाओं, तकनीकी शिक्षा के महत्व तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डिप्टी कलेक्टर रजत सोनी एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में जन अभियान परिषद के संभागीय समन्वयक दिनेश उमरैया उपस्थित रहे। कार्यक्रम में आनंद टाटा मोटर्स के सीईओ के.के. खरे, जनरल मैनेजर मनप्रीत सिंह, सिद्धत्व फाउंडेशन की अध्यक्ष डॉ. श्वेता नेमा, आईटीआई के अधिकारीगण, उद्योग प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का कुशल संचालन एवं संयोजन लक्ष्मी हंसारी ट्रेनिंग ऑफिसर, शासकीय आईटीआई द्वारा किया गया। उन्होंने विद्यार्थियों को उद्योगों से जुड़कर व्यवहारिक ज्ञान अर्जित करने तथा कौशल विकास के महत्व पर प्रकाश डाला।
अपने प्रेरक एवं मार्गदर्शी उद्बोधन में डिप्टी कलेक्टर रजत सोनी ने विद्यार्थियों को वर्तमान समय में तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास के बढ़ते महत्व से अवगत कराया। उन्होंने आईटी सेक्टर, आईटी पार्कों की कार्यशैली एवं उनमें उपलब्ध रोजगार एवं नवाचार के अवसरों की विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि आने वाला समय तकनीकी दक्ष युवाओं का है। उन्होंने कहा कि जीवन में संसाधनों का अभाव कभी भी सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकता, यदि व्यक्ति के भीतर सीखने का जज्बा, परिश्रम करने की इच्छा और लक्ष्य के प्रति दृढ़ संकल्प हो। उन्होंने युवाओं को अपनी क्षमताओं को पहचानकर अवसरों का सृजन करने तथा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सहभागी बनने का संदेश दिया। उनका उद्बोधन विद्यार्थियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक एवं उत्साहवर्धक रहा।
जन अभियान परिषद के संभागीय समन्वयक दिनेश उमरैया ने भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों, पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक उत्तरदायित्व पर अत्यंत प्रभावशाली विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ संस्कार, नैतिकता एवं मानवीय संवेदनाएं भी उतनी ही आवश्यक हैं। उन्होंने जल संरक्षण, मृदा संरक्षण एवं पर्यावरण सुरक्षा को भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग बताते हुए कहा कि प्रकृति के प्रति सम्मान और संरक्षण की भावना ही सतत विकास का आधार है। उन्होंने विद्यार्थियों से आधुनिक तकनीक को अपनाने के साथ-साथ अपने संस्कारों, नैतिक मूल्यों और सामाजिक कर्तव्यों को भी जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उनके विचारों ने उपस्थित विद्यार्थियों एवं अतिथियों को गहराई से प्रभावित किया।
आनंद टाटा मोटर्स के सीईओ के.के. खरे ने उद्योग और पर्यावरण के मध्य संतुलन की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि आधुनिक उद्योग केवल उत्पादन का केंद्र नहीं बल्कि सामाजिक एवं पर्यावरणीय दायित्वों के निर्वहन का भी महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को उद्योगों की आवश्यकताओं, रोजगार के अवसरों एवं व्यावसायिक कौशल की उपयोगिता के बारे में जानकारी दी।
जनरल मैनेजर मनप्रीत सिंह ने विद्यार्थियों को उद्योगों में अनुशासन, समय प्रबंधन, कार्य संस्कृति और तकनीकी दक्षता के महत्व से अवगत कराते हुए कहा कि निरंतर सीखने और स्वयं को अपडेट रखने वाले युवा ही भविष्य में उत्कृष्ट सफलता प्राप्त कर सकते हैं।
सिद्धत्व फाउंडेशन की अध्यक्ष डॉ. श्वेता नेमा ने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि व्यक्तित्व का समग्र विकास करना है। उन्होंने कहा कि सिद्धत्व फाउंडेशन निरंतर ऐसे प्रयास कर रहा है, जिनसे समाज के अभावग्रस्त, वंचित एवं जरूरतमंद युवाओं को शिक्षा, कौशल, स्वास्थ्य एवं आत्मनिर्भरता के अवसर प्राप्त हो सकें। उन्होंने विद्यार्थियों को आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच, सामाजिक संवेदनशीलता एवं निरंतर सीखने की भावना के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। डॉ. श्वेता नेमा ने कहा कि जब तकनीकी शिक्षा, उद्योग जगत का अनुभव और सामाजिक सरोकार एक मंच पर आते हैं, तब युवाओं के उज्ज्वल भविष्य का मार्ग और अधिक सशक्त होता है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को उद्योग की कार्यप्रणाली का अवलोकन कराया गया तथा रोजगार एवं कौशल विकास से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की गईं। साथ ही अतिथियों एवं अधिकारियों द्वारा वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। सभी ने अधिक से अधिक वृक्ष लगाने उनकी देखभाल तथा उनके संरक्षण का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अतिथियों, अधिकारियों एवं विद्यार्थियों ने सिद्धत्व फाउंडेशन एवं शासकीय आईटीआई, सागर द्वारा किए जा रहे इस प्रकार के नवाचारपूर्ण प्रयासों की सराहना करते हुए इसे युवाओं के कौशल विकास, व्यक्तित्व निर्माण और राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। यह आयोजन तकनीकी शिक्षा, रोजगार मार्गदर्शन, नैतिक मूल्यों एवं पर्यावरणीय चेतना के समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरा।
सिद्धत्व फाउंडेशन एवं शासकीय आईटीआई की पहल: 15 दिवसीय OGT कार्यक्रम में युवाओं को मिला तकनीकी शिक्षा, रोजगार, संस्कार एवं पर्यावरण संरक्षण का मार्गदर्शन