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Safe Click2.0 अभियान के तहत सागर पुलिस ने साइबर पोर्टलों की उपयोगिता से कराया अवगत, 1930 हेल्पलाइन एवं संचार साथी/CEIR के उपयोग की दी जानकारी

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सागर। पुलिस मुख्यालय, मध्यप्रदेश के निर्देशन में संचालित “सेफ क्लिक 2.0” अभियान के अंतर्गत दिवस-13 पर सागर जिले में “साइबर पोर्टल जागरूकता” विषय पर व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। पुलिस अधीक्षक श्री अनुराग सुजानिया के निर्देशन में जिले के समस्त थाना क्षेत्रों, शैक्षणिक संस्थानों, शासकीय कार्यालयों, बैंक शाखाओं, व्यापारिक प्रतिष्ठानों एवं सार्वजनिक स्थानों पर नागरिकों को साइबर सुरक्षा एवं ऑनलाइन शिकायत प्रणाली की जानकारी प्रदान की गई।

कार्यक्रम के दौरान नागरिकों को संचार साथी (Sanchar Saathi), CEIR, चक्षु (Chakshu), राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) तथा 1930 साइबर हेल्पलाइन के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई।

संचार साथी एवं CEIR पोर्टल की जानकारी

नागरिकों को बताया गया कि मोबाइल फोन खोने अथवा चोरी होने की स्थिति में CEIR के माध्यम से मोबाइल का IMEI ब्लॉक कराया जा सकता है तथा मोबाइल मिलने पर उसे पुनः अनब्लॉक भी किया जा सकता है। साथ ही अपने नाम पर सक्रिय मोबाइल कनेक्शनों की जानकारी प्राप्त करने एवं संदिग्ध कॉल, फर्जी KYC, बैंकिंग धोखाधड़ी, लॉटरी, नौकरी, इनाम अथवा अन्य साइबर ठगी से संबंधित कॉल, एसएमएस एवं व्हाट्सएप संदेशों की शिकायत चक्षु (Chakshu) सुविधा के माध्यम से करने की जानकारी दी गई। नागरिकों को सेकेंड हैंड मोबाइल खरीदने से पहले उसके IMEI की वैधता जांचने की भी सलाह दी गई।

राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP)

जनसामान्य को बताया गया कि ऑनलाइन ठगी, UPI एवं बैंकिंग फ्रॉड, सोशल मीडिया अपराध, फर्जी लिंक, डिजिटल अरेस्ट सहित किसी भी प्रकार के साइबर अपराध की शिकायत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज की जा सकती है। वित्तीय साइबर अपराध होने पर तत्काल 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करने तथा शिकायत करते समय स्क्रीनशॉट, ट्रांजेक्शन आईडी, UPI ID, बैंक खाता विवरण, मोबाइल नंबर एवं चैट/कॉल रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की सलाह दी गई। बताया गया कि “गोल्डन ऑवर” के भीतर शिकायत दर्ज करने से ठगी गई राशि को फ्रीज या वापस मिलने की संभावना अधिक रहती है।

बैंकिंग GRM एवं खाता फ्रीज संबंधी जानकारी

अभियान के दौरान नागरिकों को यह भी बताया गया कि यदि किसी वैध कारण के बावजूद उनका बैंक खाता साइबर शिकायत के कारण फ्रीज, होल्ड अथवा लियन हो जाता है, तो घबराने की आवश्यकता नहीं है। संबंधित बैंक शाखा में लिखित आवेदन देकर फ्रीज का कारण, शिकायत क्रमांक तथा जांच एजेंसी की जानकारी प्राप्त करें तथा KYC, बैंक स्टेटमेंट एवं वैध लेन-देन से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत कर बैंकिंग GRM प्रक्रिया के माध्यम से अपनी बात रखें।

सागर पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि साइबर अपराध से बचाव के लिए सदैव सतर्क रहें, किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, बैंकिंग जानकारी या व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें तथा साइबर अपराध की स्थिति में बिना विलंब 1930 पर कॉल करें अथवा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।

सुरक्षित रहें, सतर्क रहें — यही है “सेफ क्लिक 2.0” अभियान का उद्देश्य।

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