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विश्वविद्यालय का बढ़ा गौरव : कैंसर के उपचार के शोध में फार्मास्युटिकल साइंसेज़ विभाग के शोधार्थी शिवम कुमार कोरी को भारतीय पेटेंट

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सागर। डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर के फार्मास्युटिकल साइंसेज़ विभाग के शोधार्थी शिवम कुमार कोरी को उनके अभिनव शोध कार्य के लिए भारत सरकार के पेटेंट कार्यालय द्वारा भारतीय पेटेंट (पेटेंट नं. 594367) प्रदान किया गया है।
यह पेटेंट “ए मेथड एंड ए डिवाइस अल्ट्रासाउंड-असिस्टेड सिंथेसिस ऑफ अल्फा, बीटा-सब्स्टीट्यूटेड चालकोन डेरिवेटिव्स फॉर द सपोर्टिव ट्रीटमेंट ऑफ ब्रेस्ट कार्सिनोमा” शीर्षक से प्रदान किया गया है। यह शोधकार्य स्तन कैंसर के सहायक उपचार हेतु नवीन चालकोन व्युत्पन्नों के अल्ट्रासाउंड-सहायित संश्लेषण पर आधारित है। इस तकनीक का उद्देश्य अधिक प्रभावी, सरल एवं वैज्ञानिक दृष्टि से उन्नत संश्लेषण पद्धति विकसित करना है, जिससे भविष्य में कैंसर उपचार संबंधी अनुसंधानों को नई दिशा मिल सके।
यह शोधकार्य प्रो. सुशील कुमार काशव के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इस पेटेंट में प्रो. अस्मिता गजभिये तथा प्रो. रत्नेश दास सह-आविष्कारक के रूप में शामिल हैं। पेटेंट का आवेदन 10 नवंबर 2025 को भारतीय पेटेंट कार्यालय में प्रस्तुत किया गया था तथा सभी आवश्यक तकनीकी एवं विधिक प्रक्रियाओं के सफलतापूर्वक पूर्ण होने के बाद 3 जुलाई 2026 को इसे आधिकारिक रूप से पेटेंट प्रदान किया गया। यह पेटेंट 20 वर्षों की अवधि के लिए मान्य रहेगा।
प्रोफेसर काशव ने बताया कि यह उपलब्धि शोधार्थी शिवम कुमार कोरी की मेहनत, समर्पण एवं अनुसंधान के प्रति उनकी प्रतिबद्धता मेहनत का फल है। प्रोफेसर काशव का कैंसर शोध एवं नवाचार में यह चौथा पेटेंट है। कुलपति प्रो. यशवंत सिंह ठाकुर, फार्मास्युटिकल साइंसेज़ विभागाध्यक्ष प्रो. उमेश कुमार पाटिल एवं समस्त शिक्षकगण ने शिवम को बधाई दी।


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