जनकल्याण शिविर जनता तक पहुंचने का सबसे सशक्त माध्यम – पूर्व गृहमंत्री एवं खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह
सागर . जनकल्याण शिविर की श्रृंखला के प्रथम दिवस खुरई व मालथौन में तीन दिवसीय अनुविभाग स्तरीय जनकल्याण शिविरों का शुभारंभ पूर्व गृहमंत्री एवं खुरई विधायक श्री भूपेन्द्र सिंह और कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने किया। कार्यक्रम में सरस्वती शिशु मंदिर खुरई में 35 लाख की लागत से विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन भी किया गया। इस अवसर पर विधायक श्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में जनकल्याण शिविर जनता तक पहुंचने का सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने जनसमस्या निवारण में उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का मूल मंत्र सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास है। प्रधानमंत्री ने योजनाओं की लास्ट माइल डिलीवर यानि अंतिम छोर तक पहुँच को सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। जनकल्याण शिविर उनके इसी संकल्प का प्रमाण हैं। उन्होंने कहा कि सुशासन के लिए प्रसिद्ध महारानी अहिल्याबाई होल्कर अपने खुले दरबार में बिना किसी मध्यस्थ के सीधे अपनी जनता की फरियाद सुनती थीं। लोकतंत्र और सत्ता केवल सेवा का एक साधन है। जब नेता स्वयं को शासक के बजाय सेवक मानता है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के बाद कहा था कि वे देश के प्रधान सेवक हैं। उन्होंने लालबत्ती और वीआईपी संस्कृति को समाप्त करने और प्रत्येक नागरिक को समान दृष्टि से देखने का संदेश दिया था।विधायक श्री सिंह ने कहा कि एक सच्चा सेवक हमेशा अपनी जनता को आगे रखता है और खुद सेवक की भांति पीछे चलता है, ताकि कोई भी पीछे न छूटे और सभी मिलकर आगे बढ़ें। जनकल्याण शिविर महज एक आयोजन नहीं, बल्कि सरकार की जनता के प्रति जवाबदेही का सबसे बड़ा प्रमाण है। ऐसे शिविरों से सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के बारे में आमजनता की प्रतिक्रियाएं भी पता लगती है। लोकतंत्र का मूल मंत्र जनता के लिए काम करना है। उन्होंने कहा कि एक मजबूत लोकतंत्र केवल संसद में बनने वाले कानूनों से नहीं, बल्कि जनकल्याण शिविरों में मिलने वाले त्वरित न्याय और उसके बाद एक आम आदमी के चेहरे पर संतुष्टि के रूप में दिखाई देता है।उनहोंने कहा कि श्रद्धेय श्री अटल जी के सुशासन की नींव पर खड़े होकर, श्री मोदी के लास्ट माइल डिलीवरी के संकल्प को पूरा करते हुए एक सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में यह तीन दिवसीय जनकल्याण शिविर एक ठोस कदम है। श्रद्धेय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी ने हमेशा सुशासन को लोकतंत्र की आत्मा माना। उन्होंने कहा कि जब फाइलें दफ्तरों में धूल खाने के बजाय खुले मैदान में चंद मिनटों में निपटाई जाती हैं, तो यह अटल जी के उसी पारदर्शी, जवाबदेह और संवेदनशील सुशासन का जीता-जागता उदाहरण बन जाता है। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने जनकल्याण शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि इस शिविर में दो तरह के आवेदक आए हैं। उनमें से जितने भी हितग्राही हैं, पेंशन आदि के आवेदन लेकर आए हैं उनके लिए दो स्टाल लगाए गए हैं वहां पहुंच कर आवेदन फार्म धैर्य पूर्वक भरवा लें। जो अन्य तरह की समस्याएं लेकर आए हैं वे सीधे आकर अपनी समस्याएं अधिकारियों बताएं। उन्होंने कहा कि तीन दिन यहां शिविर चलेगा जिसमें सभी अधिकारी कर्मचारी आपके आवेदनों का स्थल पर ही निराकरण करेंगे। खुरई जनकल्याण शिविर में शिविर के उद्देश्य की रूपरेखा प्रभारी एसडीएम रवीश श्रीवास्तव ने रखी। मालथौन शिविर में जनपद पंचायत सीईओ श्रीमती मीना कश्यप ने उदेश्य पर प्रकाश डाला। नपं सीईओ खरे ने शिविर का महत्व बताया। इस अवसर पर स्वागत में प्राप्त सामग्री जरूरतमंदों को वितरित कर किया गया। स्वागत में मिले बड़ी मात्रा में स्कूली बच्चों के उपयोग की स्टेशनरी, बेग, वाटर बाटल आदि सामग्री को स्कूलें खुलने पर विद्यार्थियों को वितरित कर दिया जाएगा। मालथौन में भी पंखों, स्टेशनरी आदि सामग्री से स्वागत करने वालों में श्री जयंत सिंह बुंदेला, श्री बलवीर सिंह राजपूत, श्री जमना, सीमा राय, श्री रमन यादव, श्री रामगोपाल पटेरिया, श्री राजपाल परमार, श्री बृजेंद्र सिंह राजपूत, श्री रामभरत चचोदिया, श्री हाकम सिंह राजपूत, श्री सत्यपाल सिंह तोमर, श्री गोलू राजा बुंदेला, श्री सुल्तान सिंह, श्रीमती मालती अहिरवार, मीना देवी बरोदिया न.पा अध्यक्ष, वीर सिंह यादव, जाहरलाल सिंह, भरत तिवारी, मनोज कुर्मी शामिल रहे।विभिन्न योजनाओं का हितलाभ वितरण कियामुख्यमंत्री जनकल्याण सबंल योजना के अन्तर्गत – रामकृष्ण शर्मा के निधन पर श्रीमती शशिकला, ओमकार कुशवाहा के निधन पर श्रीमती बैजंती कुशवाहा, संतोष कुशवाहा के निधन पर पत्नी सुकवती कुशवाहा को दो-दो लाख की राशि प्रदान की गई। पेंशन योजनाओं की स्वीकृति जिन हितग्राहियों की हुई उनमें श्रीमती संतोषरानी सोमत धानक, श्रीमती सुदामाबाई बलराम यादव को कल्याणी पेंशन योजना तथा श्रीमती कमलरानी ा्रगवर कुशवाहा, श्रीमती जानकीबाई परमानंद कुर्मी, जयराम नोनीत सेन को वृद्धावस्था पेंशन योजनाओं के तहत प्रति माह 600 रूपया की राशि प्रदान की जायेगी।नवीन बीपीएल कार्ड के लाभार्थी रामवीर पिता राजाराम रघुवंशी कठैली, वीरसिंह पिता मोतीलाल कुर्मी कठैली रहे। मानधन कार्डधारी लाभार्थियों में मनीराम यादव, अजय विश्वकर्मा, रविकांत देवलिया, देवेन्द्र दांगी, अभिषेक रैकवार, मनोज लुहार, विशाल सिंह दांगी, ग्याप्रसाद पटेल, नीलेश सेन, श्रीमती रूपवती पति शिवम शामिल रहे। मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना के हितग्राहियों में श्रीमती सविता अहिरवार तथा श्रीमती बेबी कुर्मी को दो-दो लाख अनुग्रह सहायता राशि प्रदान की गई। पीएम स्वनिधि (स्ट्रीट वेंडर) योजना हितग्राही-कृष्णकांत कुशवाहा तथा शैलेन्द्र राय को पांच-पांच हजार रूपए की राशि प्रदान की गई।इसी प्रकार विधायक श्री भूपेन्द्र सिंह ने मालथौन जनकल्याण शिविर में मालथौन में संबल योजना के स्वीकृत प्रकरणों में जोधन लोधी तिलक रानी लोधी, लाल सिंह आदिवासी सीता आदिवासी, रूपसिंह गीता रानी, देविका बहादुरसिंह यादव, भरत बेडिया ज्जोबाई को दो-दो लाख तथा जगतसिंह समसखी खगांर, हरनाम अहिरवार आरती अहिरवार को चार-चार लाख रूपए की स्वीकृत राशि प्रदान की।खुरई जनकल्याण शिविर में श्री राहुल चौधरी, श्री रवीन्द्र सिंह, श्री राजपाल सिंह राजपूत, जिला पदाधिकारी श्री हरीशंकर कुशवाहा, तहसीलदार रितु राय, सीएमओ श्री राजेश मेहतेल, जनपद सीईओ श्रीमती मीना कश्यप, श्री हेमंत बजाज, श्री विजय जैन बट्टी, श्री देशराज सिंह यादव, श्री नीतिराज पटेल, श्री बलराम यादव, श्री अजीत सिंह अजमानी, महिला मोर्चा अध्यक्ष श्रीमती रश्मि सोनी, एस पी खरे , एस एळ साहू , डा नीतेश दुबे, राम शास्त्री, राघवेंद्र ठाकुर, नारायण धर्मपुरी, आचार्य गण, अनुविभागीय अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित थे। मालथौन जनकल्याण शिविर में नगर परिषद अध्यक्ष जयंत सिंह बुंदेला, बरोदिया नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती मालती कुशवाहा, जनपद उपाध्यक्ष बलवीरसिंह राजपूत, श्री राजेंद्र सिंह दरी, श्री पुष्पेन्द्र परिहार, श्री अरविंद सिंह लोधी, श्री नीतेश यादव, श्री अनिल पाराशर, प्रभारी तहसीलदार कमलेश सतनामी, सीईओ श्रीमती मीना कश्यप, नपं सीएमओ अरुण श्रीवास्तव, सीएमओ बरोदिया संजय समुद्रे, बादाम सिंह सिसौदिया, सिरनाम सिंह, श्री गोविंद सिंह खिरिया, वीरेंद्र सिंह बुंदेला, सीमा राय, नपं उपाध्यक्ष मालती धर्मेंद्र अहिरवार, कोमल यादव, दयाराम चौरसिया, बलराम राजपूत, रमन यादव तथा सभी अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित रहे।