बुंदेलखंड में गूँजेगी चीतों की दहाड़चीतों की पुनर्वसाहट का नया बसेरा बनेगा बुंदेलखंड
सागर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने जन्मदिवस के पावन अवसर पर प्रदेश के वन्यजीव प्रेमियों और बुंदेलखंड वासियों को एक ऐतिहासिक उपहार दिया है। मुख्यमंत्री ने वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में चीतों के पुनर्वास की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सॉफ्ट रिलीज बोमा का विधि-विधान से भूमि पूजन किया। कूनो नेशनल पार्क में चीता प्रोजेक्ट की सफलता के बाद अब वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व को चीतों के घर के रूप में विकसित किया जा रहा है।सॉफ्ट रिलीज बोमा तकनीक के तहत चीतों को नए परिवेश में ढालने के लिए एक बड़े क्षेत्र में विशेष बाड़े (बोमा) तैयार किए जाते हैं, जहाँ उन्हें शुरुआती निगरानी में रखा जाता है।मुख्यमंत्री ने कहा है कि यह परियोजना न केवल वन्यजीव संरक्षण को मजबूती देगी, बल्कि बुंदेलखंड में इको-टूरिज्म और रोजगार के नए द्वार भी खोलेगी। विशेषज्ञों के अनुसार, वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व का घनत्व और यहाँ के घास के मैदान चीतों के लिए बेहद अनुकूल हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कूनो के बाद अब वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व चीतों की अठखेलियों का नया केंद्र बनेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार केवल थलचर ही नहीं, बल्कि नभचर और जलचर जीवों के संरक्षण की दिशा में भी मिशन मोड पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा, कि जंगल की असली खूबसूरती वहाँ के जानवरों से ही होती है। यह कदम न केवल बुंदेलखंड के प्राकृतिक संतुलन और पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा बल्कि यहां रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा।भूमिपूजन के अवसर पर वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार, पूर्व मंत्री एवं रहली विधायक गोपाल भार्गव, देवरी विधायक बृज बिहारी पटेरिया, नरयावली विधायक प्रदीप लारिया, जिला पंचायत उपाध्यक्ष देवेंद्र सिंह, श्याम तिवारी, रानी कुशवाहा, प्रधान सचिव, वन विभाग, मध्यप्रदेश संदीप यादव, वन बल प्रमुख शुभरंजन सिंह सेन, संभागायुक्त अनिल सुचारी, पुलिस महानिरीक्षक हिमानी खन्ना, पुलिस उपमहानिरीक्षक सचिंद्रनाथ चौहान, कलेक्टर संदीप जी आर, पुलिस अधीक्षक विकास शाहवाल, मुख्य वन संरक्षक दीपू दमन सिंह भदौरिया, डीएफओ रजनीश सिंह एवं वरुण यादव सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी भी मौजूद रहे।