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सागर जनसुनवाई में हड़कंप: दबंग सचिव से प्रताड़ित पीड़ित ने खुद पर पेट्रोल डाल किया आत्मदाह का प्रयास

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सागर। जिला मुख्यालय पर मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई उस समय अफरा-तफरी और चीख-पुकार में बदल गई, जब एक पीड़ित युवक ने शासन-प्रशासन की अनदेखी से तंग आकर सबके सामने खुद पर पेट्रोल छिड़क कर आत्महत्या का प्रयास किया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों ने तत्परता दिखाते हुए युवक को काबू में किया, जिससे एक बड़ी अनहोनी टल गई।
मामला: पंचायत सचिव पर जमीन कब्जाने का आरोप
यह पूरा मामला बंडा तहसील की ग्राम पंचायत हिंडोरिया का है। प्रार्थिया जानता बाई और उनके बेटे मोनू अहिरवार लंबे समय से अपनी पुश्तैनी जमीन (खसरा नं. 91, रकबा 1.50) को बचाने के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। महिला का आरोप है कि उसके पति की मृत्यु के बाद ग्राम पंचायत सचिव राजवीर सिंह ने पद का दुरुपयोग करते हुए उनकी पट्टे की जमीन पर बलपूर्वक कब्जा कर लिया है।

डेढ़ साल से भटक रहा परिवार, नहीं हुई कार्रवाई

पीड़ित परिवार ने बताया कि वे पिछले डेढ़ साल से न्याय की गुहार लगा रहे हैं। इससे पहले 29 अक्टूबर 2024 को भी जनसुनवाई में आवेदन दिया गया था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। मंगलवार को जब पीड़ित फिर से अपनी शिकायत लेकर पहुँचा और उसे कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो हताशा में आकर उसने आत्मघाती कदम उठा लिया।

आवेदन के अनुसार, पंचायत सचिव न केवल फसल काटने से रोक रहा है, बल्कि जमीन संबंधी कागजी कार्रवाई करने पर महिला और उसके बेटे मोनू को जान से मारने की धमकी भी दे रहा है। पीड़ित परिवार का कहना है कि उनकी जमीन राजस्व रिकॉर्ड में अब भी उनके नाम पर नहीं चढ़ाई जा रही है, जिसका फायदा सचिव उठा रहा है।
प्रशासनिक अमले ने आनन-फानन में पीड़ित को समझा-बुझाकर शांत कराया गया। परिवार ने कहा है कि यदि जल्द ही उनकी जमीन उन्हें वापस नहीं दिलाई गई और सचिव के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, तो वे सपरिवार कलेक्ट्रेट के सामने आत्मदाह कर लेंगे।

“हम डेढ़ साल से भटक रहे हैं, सचिव हमें जान से मारने की धमकी देता है। अगर शासन हमारी मदद नहीं करेगा, तो हमारे पास मरने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है।” – पीड़ित परिवार


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