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डॉ. हरीसिंह गौर की पुण्य तिथि पर भजन प्रस्तुत कर श्रद्धांजलि दी

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सागर । डॉक्टर हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय सागर के महान शिक्षाविद, प्रख्यात विधिवेता संविधान सभा सदस्य एवं विश्वविद्यालय के संस्थापक दानवीर डॉक्टर सर हरीसिंह गौर की पुण्यतिथि 25 दिसम्बर को सुबह 9 बजे गौर समाधि स्थल पर भजन कार्यक्रम आयोजित किया गया गया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. वाय.एस. ठाकुर ने गौर समाधि पर पुष्प अर्पण कर श्रद्धांजलि दी। विश्वविद्यालय के संगीत विभाग के शिक्षक डॉ. अवधेश प्रताप सिंह तोमर ने सूरदास जी का भजन ” मेरो मन अनत कहाँ सुख पावे” प्रस्तुत किया । शोधार्थी अनुकृति रावत- मन फूला फूला फिरे जगत में कैसा नाता  रे (कबीर भजन) शोधार्थी स्तुति खंपरिया ने “चदरिया झीनी रे झीनी” भजन गाया । मानवी श्रीवास्तव ने  “तू दयालु दीन हों, तू दानी मैं भिखारी ” प्रस्तुत किया। अंशुल आठ्या ने “मुखड़ा क्या देखे दर्पण में ” गाया। विभाग के विद्यार्थी मानवी श्रीवास्तव, वर्षा रानी, गौरी पांडे, करिश्मा दीक्षित ने गांधी जी का प्रिय भजन ‘वैष्णव जन तो तेने कहिये’ की प्रस्तुति दी। तबले पर संगत शैलेन्द्र सिंह राजपूत , शोधार्थी आकाश जैन  एवं संस्तुति खंपरिया ने की। विभागाध्यक्ष डॉ. अशोक अहिरवार,  डॉ. अवधेश प्रताप सिंह तोमर एवं डॉ. राहुल स्वर्णकार  के निर्देशन में भजन प्रस्तुति हुई । कार्यक्रम में कुलसचिव डॉ. एस.पी. उपाध्याय, प्रो. पी.के. कठल, प्रो. नवीन कानगो, प्रो. डी. के. नेमा, प्रो. आशीष वर्मा, प्रो. दिवाकर सिंह राजपूत, प्रो. राजेंद्र यादव, उपकुलसचिव सतीश कुमार, डॉ. सी. पी. उपाध्याय, डॉ. अभिषेक जैन, डॉ. राकेश सोनी, डॉ. अलीम खान, डॉ. शशि कुमार सिंह, डॉ. संजय शर्मा,  डॉ. विवेक जायसवाल सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी, शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।


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