मोबाइल और नशे से दूर रखने का सबसे सशक्त माध्यम हैं खेल : अविराज सिंह

मोबाइल और नशे से दूर रखने का सबसे सशक्त माध्यम हैं खेल : अविराज सिंह
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बांदरी। बांदरी नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट के भव्य फाइनल मुकाबले और समापन समारोह में शामिल हुए युवा नेता अविराज सिंह ने कहा कि युवावस्था जीवन का सबसे महत्वपूर्ण कालखंड होती है, क्योंकि इसी समय व्यक्ति के भीतर ऊर्जा, उत्साह, साहस, संकल्प और बड़े सपने देखने की क्षमता अपने चरम पर होती है। यही वह अवस्था है जिसमें भविष्य की मजबूत नींव रखी जाती है और जीवन की दिशा तय होती है। उन्होंने कहा कि युवा केवल आज का नागरिक नहीं, बल्कि कल का निर्माता है। जिस राष्ट्र के युवा जागरूक, अनुशासित, स्वस्थ और सकारात्मक सोच वाले होते हैं, वह राष्ट्र विकास के नए आयाम स्थापित करता है। इसलिए युवाओं को अपने समय, ऊर्जा और प्रतिभा का उपयोग राष्ट्र निर्माण तथा अपने व्यक्तित्व के विकास में करना चाहिए।

अविराज सिंह ने कहा कि युवा जीवन संघर्ष और सफलता का संगम है। युवावस्था में आने वाली चुनौतियां व्यक्ति को मजबूत, अनुभवी और आत्मविश्वासी बनाती हैं। जो युवा संघर्षों से घबराता नहीं, बल्कि उनसे सीखकर आगे बढ़ता है, वही जीवन में बड़ी उपलब्धियां हासिल करता है। उन्होंने कहा कि युवा जीवन एक तेज बहती नदी के समान है। यदि इस ऊर्जा को सही दिशा मिल जाए तो यह समाज और राष्ट्र के विकास का माध्यम बनती है, लेकिन यदि दिशा भटक जाए तो यही ऊर्जा विनाशकारी भी हो सकती है। इसलिए युवाओं को अपने लक्ष्य स्पष्ट रखने चाहिए और निरंतर मेहनत तथा अनुशासन के साथ आगे बढ़ना चाहिए।

उन्होंने कहा कि खेल युवाओं के सर्वांगीण विकास का सबसे प्रभावी माध्यम हैं। खेल केवल मनोरंजन या शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे टीम वर्क, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, धैर्य और चरित्र निर्माण का भी सशक्त साधन हैं। खेल हमें सिखाते हैं कि जीत और हार दोनों जीवन का हिस्सा हैं। खेल का मैदान वह विद्यालय है जहां बिना किताबों के जीवन के सबसे बड़े पाठ पढ़ाए जाते हैं। खेल हमें केवल जीतना ही नहीं सिखाते, बल्कि गिरकर दोबारा खड़ा होना और चुनौतियों का सामना करना भी सिखाते हैं। इसी भावना के साथ कहा जाता है कि “जो खेलेगा, वही खिलेगा।”

अविराज सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में मोबाइल फोन, इंटरनेट और डिजिटल उपकरणों के बढ़ते उपयोग के कारण युवाओं की शारीरिक गतिविधियां लगातार कम होती जा रही हैं। इसके साथ ही नशे जैसी सामाजिक बुराइयां भी युवाओं के सामने चुनौती बनकर खड़ी हैं। ऐसे समय में खेल युवाओं को स्वस्थ, सक्रिय और सकारात्मक जीवनशैली प्रदान करने का सबसे प्रभावी माध्यम हैं। खेल न केवल शरीर को मजबूत बनाते हैं, बल्कि मानसिक संतुलन, आत्मविश्वास और सामाजिक समरसता को भी बढ़ाते हैं। युवाओं को मोबाइल स्क्रीन की सीमित दुनिया से बाहर निकलकर खेल मैदानों से जुड़ना चाहिए, जहां व्यक्तित्व का वास्तविक विकास होता है।

उन्होंने कहा कि भारत में खेलों का क्षेत्र आज तेजी से विस्तार कर रहा है और यह केवल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं रह गया है। खेल उद्योग युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर लेकर आया है। फिटनेस एप, स्पोर्ट्स टेक्नोलॉजी, खेल अकादमियों का संचालन, खेल प्रबंधन और खेल उपकरण निर्माण जैसे अनेक क्षेत्रों में युवा अपना स्टार्टअप स्थापित कर रहे हैं। आज का युवा केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाला भी बन रहा है। खेलों के क्षेत्र में बढ़ते निवेश और आधुनिक सुविधाओं ने इस क्षेत्र को आर्थिक दृष्टि से भी अत्यंत संभावनाशील बना दिया है।

अविराज सिंह ने कहा कि क्रिकेट, कबड्डी, हॉकी, बैडमिंटन और अन्य खेलों में शुरू हुई प्रोफेशनल लीग्स ने देश के लाखों युवाओं के लिए अवसरों के नए द्वार खोल दिए हैं। इन लीग्स के माध्यम से गांवों और कस्बों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को भी अपनी क्षमता दिखाने का राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच मिल रहा है। अब खेल केवल महानगरों तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि ग्रामीण भारत की प्रतिभाएं भी अपनी मेहनत और कौशल के दम पर देश और दुनिया में पहचान बना रही हैं। इससे खिलाड़ियों को आर्थिक सुरक्षा, सम्मान और उज्ज्वल भविष्य की संभावनाएं प्राप्त हो रही हैं।

कार्यक्रम में विश्वनाथ सिंह लोधी नगर परिषद अध्यक्ष बांदरी, मन्नू ठाकुर, रावराजा राजपूत, जालम सिंह, उदय पाल यादव, बलराम ठाकुर, पुष्पेंद्र यादव, राजेंद्र ठाकुर, सुरपाल यादव, दिनेश राय, मनीराम ठाकुर, राघवेंद्र परिहार, अभय लोधी, सचिन साहू उपस्थित रहे।


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