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सागर पुलिस की मानवीय संवेदना: 81 वर्षीय बुजुर्ग माताजी का खोया बैग ढूँढ निकाला, खुशी से छलक उठीं बुजुर्ग की आँखें

सागर पुलिस की मानवीय संवेदना: 81 वर्षीय बुजुर्ग माताजी का खोया बैग ढूँढ निकाला, खुशी से छलक उठीं बुजुर्ग की आँखें
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“दो बार भावुक हुईं माताजी: पहले बैग खोने के गम में, फिर सागर पुलिस की तत्परता देख खुशी के आँसुओं में”

सागर ।अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव उइके एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लोकेश कुमार सिन्हा के कुशल निर्देशन में सागर पुलिस ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए एक बुजुर्ग महिला का गुम हुआ बैग बरामद कर उन्हें सकुशल लौटाया। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से न केवल बुजुर्ग महिला का कीमती सामान वापस मिला, बल्कि खाकी के प्रति जन-विश्वास भी सुदृढ़ हुआ है।

घटना का विवरण: ऑटो में छूट गया था यादों और दवाइयों का झोला

जानकारी के अनुसार, रहली निवासी 81 वर्षीय बुजुर्ग माताजी सागर में एक विवाह समारोह में शामिल होने आई थीं। वापसी के दौरान विजय टॉकीज से बस स्टैंड जाते समय उनका बैग ऑटो में ही छूट गया। बैग में ₹8100 नकद, महत्वपूर्ण दवाइयां, मेडिकल पर्चे और कपड़े थे। बुजुर्ग महिला के लिए यह सामान और दवाइयां अत्यंत अनिवार्य थीं, जिसके खोने से वे गहरे सदमे और परेशानी में थीं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक द्वय संजीव उइके एवं लोकेश कुमार सिन्हा ने तत्काल कंट्रोल रूम टीम को सक्रिय किया।

एएसपी लोकेश कुमार सिन्हा के सीधे मार्गदर्शन में कंट्रोल रूम प्रभारी उप निरीक्षक आर.के.एस. चौहान को बैग तलाशने की कमान सौंपी गई।
तकनीकी जांच: महिला प्रधान आरक्षक रेखा रजक को सीसीटीवी कैमरों के विश्लेषण का जिम्मा दिया गया। पुलिस टीम ने शहर के विभिन्न चौराहों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। लगातार दो दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद उस विशेष ऑटो की पहचान की गई। फुटेज के आधार पर ऑटो नंबर ट्रेस कर चालक का पता लगाया गया और उसे कंट्रोल रूम बुलाया गया। तलाशी के दौरान बैग ऑटो की पिछली सीट के पीछे सुरक्षित पाया गया।

भावुक क्षण: पुलिस को दिया ‘आशीर्वाद’

जब कंट्रोल रूम में माताजी को उनका बैग सौंपा गया, तो वे अपने आंसू नहीं रोक पाईं। उन्होंने भावुक होकर कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि इतनी जल्दी उनका सामान मिल जाएगा। माताजी और उनके परिजनों ने सागर पुलिस की कार्यप्रणाली और डायल-112 की मदद के लिए पूरी टीम का हृदय से आभार व्यक्त किया।

इस सफल बरामदगी में एएसपी संजीव उइके व लोकेश कुमार सिन्हा के मार्गदर्शन सहित 
उप निरीक्षक आर.के.एस. चौहान (प्रभारी कंट्रोल रूम) महिला प्रधान आरक्षक रेखा रजक
डायल-112 एवं कंट्रोल रूम की समस्त टीम
 की मुख्य भूमिका रही।


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