‘शब्द सुमन अर्पण’ सम्मान समारोह में श्यामलम् सहित अनेक संस्थाओं ने अविराज सिंह का सम्मान और अभिनन्दन किया, अधिराज के महिषासुरमर्दिनी स्त्रोत के कंठस्थ पाठ को सुनकर हतप्रभ हो गया पद्माकर सभागार
सागर। अविराज सिंह जब महिषासुर मर्दिनी स्रोत सुना रहे थे तो हम उनके अंतस के संस्कारों के प्रतिबिम्ब को देख रहे थे। उन्होंने अपने भीतर संस्कारों को सिंचित कर रखा है। अधिराज अपने नाम के अनुरूप सूर्य की तरह प्रकाशित हैं। वे युवाओं के लिए आइकान हैं,उनका होना उनके माता पिता के लिए आल्हाद का…